राजनांदगांव जिले में ऑनलाइन कथित नकली और नशीली दवाओं की बिक्री के विरोध में जिला दवा विक्रेता संघ ने मोर्चा खोल दिया हैं,शहर में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए बैनरों और पोस्टरों के माध्यम से दवा विक्रेताओं ने ऑनलाइन फार्मेसी व्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद की हैं,बैनर में स्पष्ट रूप से ऑनलाइन नकली दवा बिक्री बंद करने,बिना प्रिस्क्रिप्शन दवाइयों की ऑनलाइन बिक्री रोकने तथा छोटे मेडिकल स्टोर संचालकों को सुरक्षा और समान अवसर देने की मांग की गई हैं,साथ ही लोगों की सेहत और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बंद करने की अपील भी की गई हैं।
जिला दवा विक्रेता संघ का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिना पर्याप्त जांच के दवाइयों की बिक्री हो रही हैं,जिससे नकली और नशीली दवाओं के प्रसार का खतरा बढ़ रहा हैं,इससे न केवल मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही हैं,बल्कि लाखों छोटे दवा विक्रेताओं के रोजगार पर भी संकट मंडरा रहा हैं,संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि देशभर में करीब 12.5 लाख दवा विक्रेताओं के अस्तित्व पर खतरा पैदा हो गया हैं,उन्होंने सरकार से मांग की है कि ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए कड़े नियम बनाए जाएं और अवैध गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए,दवा विक्रेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई,तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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