जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए दंगों के दबाव से सरकार बाहर भी नहीं निकल सकी है कि 42 जातियों ने एससी ए वर्ग में आरक्षण बहाली की मांग उठा दी है। इसके लिए रविवार को रोहतक में प्रदेश के सभी जिलों के अलावा महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और दिल्ली के अति पिछड़ी जातियों के लोग पहुंचे। यहां सभी ने एक सुर में एससी ए वर्ग के आरक्षण बहाली की मांग उठाई। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन करने की मांग की गई। सरकार पर भी वादाखिलाफी का आरोप लगाया गया कि उसने चुनाव से पहले इसके लिए वादा किया था, लेकिन अभी तक उसे पूरा नहीं किया।
गोहाना रोड स्थित शिव धर्मशाला में आयोजित महापंचायत में 42 अति पिछड़ी जातियों के लोगों ने कहा कि साल 1994 में आरक्षण नीति लागू होते ही उनको भी आरक्षण का लाभ मिलना शुरू हो गया था। लेकिन वर्ष 2006 में सरकार ने उसे खत्म कर दिया। उसी समय से एससी वर्ग ए आरक्षण बहाली की मांग चल रही है, लेकिन अभी तक इसे बहाल नहीं किया गया। महापंचायत में कहा गया कि जब अकेली जाट जाति आंदोलन करके आरक्षण ले सकती है तो हम 42 जाति के लोग क्यों नहीं ले सकते। इसके लिए सभी 42 जातियों को एक होकर आंदोलन करना होगा।
वक्ताओं ने कहा कि वह 15 दिन पहले इस मामले में सीएम मनोहर लाल खट्टर से मिले थे। लेकिन सीएम ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है, इसलिए वह आरक्षण नहीं दे सकते हैं। इस पर सीएम को जवाब दिया गया कि जब जाटों का सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण खत्म होने के बाद भी सरकार उन्हें आरक्षण दे सकती है तो उनको क्यों नहीं दिया जा सकता है। महापंचायत में कहा गया कि जिस तरह से जाटों ने रोड पर लड़ाई लड़ी, उसी तरह अति पिछड़ी जातियों को भी सिरों की संख्या सड़क पर दिखानी होगी।
महापंचायत में निर्णय लिया गया कि अगले दो महीने तक सभी जिलों में महापंचायत की जाएगी और जुलूस प्रदर्शन करके सांसदों और विधायकों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इसके बाद सभी जुलूस निकालकर गोहाना अड्डे से होते हुए अंबेडकर चौक पहुंचे, जहां विधायक मनीष ग्रोवर को ज्ञापन सौंपा गया। मनीष ग्रोवर ने इस बारे में सीएम से बात करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान डा. सूरज लोट, डा. राकेश क्रांति, ललित मोरवाल, महेंद्र नागर, सुरेंद्र किराड, अश्विनी कांगड़ा, कृष्ण दुग्गल, धर्मबीर डाबला भिवानी आदि मौजूद रहे।
एससी ए वर्ग आरक्षण बहाली को सेंट्रल और कोर कमेटी बनाई
रोहतक में 42 जातियो की महापंचायत
- फोटो : amar ujala
एससी ए वर्ग आरक्षण बहाली के लिए आंदोलन चलाने को 42 जातियों की सेंट्रल एवं कोर कमेटी बनाई गई। सेंट्रल कमेटी के अध्यक्ष डा. स्वदेश कबीर होंगे, जिनको महापंचायत में सर्वसम्मति से पगड़ी पहनाई गई। इनके अलावा महासचिव पूर्व विधायक हरिराम वाल्मीकि, उपाध्यक्ष भारत भूषण टांक समेत 15 अन्य को जिम्मेदारी सौंपी गई। कोर कमेटी में सतपाल टांक, सोनू, विकास कुमार, रूपचंद, भागीरथ डाबला, आरएम लडवाल, एडवोकेट नकीन, डा. कृष्णा लटकान आदि 51 लोग रखे गए। इनके नेतृत्व में सभी जिलों में महापंचायत और जुलूस प्रदर्शन किया जाएगा। उसके बाद भी आरक्षण बहाल नहीं होता है तो पदयात्रा निकाली जाएगी और फिर हर जगह आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
पत्नी की मुंह दिखाई को चंदे में दिया
महापंचायत में आये प्रो. कृष्ण की कुछ दिन पहले ही शादी हुई है, जिन्होंने बिना दहेज के शादी की। उनका कहना था कि आंदोलन चलाने के लिए रुपये की जरूरत पड़ती है। इस कारण ही उन्होंने पत्नी की मुंह दिखाई में आये रुपये को चंदे के रूप में दिया। वह राशि मंचासीन लोगों को सौंपी गई। प्रो. कृष्ण के साथ उनकी पत्नी भी मौजूद रही। इसके बाद वहां चंदा देने वालों की लाइन लग गई और आंदोलन के लिए चंदा इक्ट्ठा किया गया।
राजनीतिक पार्टियों से किनारा करने का फैसला
अति पिछड़ी जातियों के लोगों ने महापंचायत में कहा कि एससी ए वर्ग का आरक्षण बहाली नहीं करने के लिए कोई एक पार्टी जिम्मेदार नहीं है। इसके लिए सभी पार्टी जिम्मेदार हैं। इसलिए ऐसा नहीं होना चाहिए कि किसी एक पार्टी पर आरोप लगाए जाएं और अधिकतर लोग किसी न किसी पार्टी से जुड़े हैं। इसलिए अपना आंदोलन सफल करना है तो पार्टियों से किनारा करना होगा। जिसका सभी ने समर्थन किया।
आपस में उलझ गए लोग
महापंचायत शुरू हुए कुछ देर हुई थी कि लोग आपस में उलझ गए। अधिकतर वक्ता पुरानी बातों के साथ ही एक नेता का बखान करने लगे, जिसका कुछ लोगों ने विरोध कर दिया और आंदोलन सफल बनाने के लिए सुझाव मांगे गए। इस पर खींचतान शुरू हो गई। किसी तरह मामला शांत करके दोबारा महापंचायत शुरू की गई।
डा. स्वदेश कबीर ने अन्न त्यागा
महापंचायत में 42 जातियों ने रोहतक के डा. स्वदेश कबीर को अपना नेता चुनकर पगड़ी पहनाई। उन्होंने एससी ए वर्ग आरक्षण बहाली होने तक अन्न नहीं खाने की बात कही। वह पिछले एक महीने से भी अन्न नहीं खा रहे हैं। लेकिन महापंचायत में लोगों ने ऐसा करने से उनको मना किया और अन्न खाने के लिए कहा गया।