मछुआरों का उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण
- फोटो : अमर उजाला
नवगठित जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई द्वारा जिले के मत्स्य कृषकों को आधुनिक एवं उन्नत तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से तीन दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण सह अध्ययन भ्रमण का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के 59 मत्स्य कृषकों को नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य उन्हें उन्नत मत्स्य पालन विधियों से अवगत कराकर उनकी आय में वृद्धि करना है।
प्रशिक्षण के दौरान मत्स्य कृषकों को कबीरधाम जिले में बायोफ्लॉक तकनीक, पी-लाइनर, वैज्ञानिक तरीके से तालाब निर्माण तथा केज कल्चर जैसी आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन एवं व्यवहारिक अध्ययन कराया जाएगा। यह व्यावहारिक ज्ञान उन्हें अपनी आजीविका को बेहतर बनाने में सहायक होगा। मछली पालन विभाग द्वारा प्रतिवर्ष मत्स्य कृषकों के लिए इस तरह के 3 दिवसीय तकनीकी उन्नयन प्रशिक्षण का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष यह प्रशिक्षण 19 से 21 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विभागीय योजनाओं की तकनीकी जानकारी के साथ-साथ अध्ययन भ्रमण भी शामिल है।
वर्ष 2025-26 में इस कार्यक्रम के अंतर्गत खैरागढ़ विकासखंड के 80 तथा छुईखदान विकासखंड के 85 मत्स्य कृषकों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में, प्रथम चरण में खैरागढ़ विकासखंड के मत्स्य कृषकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पहल से क्षेत्र के मत्स्य पालन व्यवसाय को नई दिशा मिलने की उम्मीद है, जिससे कृषक आधुनिक पद्धतियों को अपनाकर अपनी आय और उत्पादन दोनों में वृद्धि कर सकेंगे।