माई सिटी रिपोर्टर आदर्श त्रिपाठी कानपुर। शहर में आईआईटी से मोतीझील तक निर्माणाधीन मेट्रो का काम नाम के लिए सोमवार से शुरू करने की तैयारी है। इस दौरान सड़क पर मेट्रो ट्रैक और स्टेशन के पिलर बनाने का काम नहीं होगा। उप्र मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) अधिकारियों के मुताबिक पॉलिटेक्निक में निर्माणाधीन डिपो और हरकोर्ट बटलर टेक्निकल इंस्टिट्यूट (एचबीटीआई) के वेस्ट कैंपस में बने कास्टिंग यार्ड में ही महज 20 फीसदी क्षमता के साथ ही काम कराया जाएगा। इस दौरान सरकार की ओर से जारी सोशल डिस्टेंसिंग समेत सभी मानकों का पालन कराया जाएगा। शहर में आईआईटी से लेकर मोतीझील के बीच करीब 9.5 किलोमीटर लंबाई में मेट्रो का काम काफी तेजी से चल रहा था। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दिन से ही मेट्रो का काम बंद चल रहा है। केंद्र सरकार की ओर से निर्माण कार्यों को शुरू करने की गाइडलाइन जारी होने के बाद यूपीएमआरसी अधिकारियों ने डीएम डॉ ब्रह्मदेव राम तिवारी को पत्र लिखकर मेट्रो का काम शुरू करने की अनुमति मांगी थी। डीएम की अनुमति मिलने के बाद सोमवार से काम शुरू करने की तैयारी है। यूपीएमआरसी अधिकारियों के मुताबिक निर्माण कार्यों के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग बरकरार रखना सबसे बड़ी चुनौती है। इसलिए प्रमुख निर्माण कार्यों की बजाय वही काम कराए जाएंगे, जिनमें सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रख पाना संभव होगा। हालांकि महज 20 फ़ीसदी क्षमता के साथ ही काम की शुरुआत होगी। इसकी वजह यह है कि लॉक डाउन के दौरान बड़ी संख्या में मजदूर अपने घरों को चले गए हैं। जो मजदूर अभी रुके हुए हैं वह भी को रोना के डर से काम शुरू नहीं करना चाहते। ऐसे में इच्छुक मजदूरों के साथ ही काम शुरू कराया जाएगा। काम रुकने से मेट्रो परियोजना में 3 से 4 माह की देरी हो जाने की आशंका अधिकारी जता रहे हैं।