पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के जंगलों में आग को देखते हुए हरियाणा के वन विभाग ने शिवालिक की पहाड़ियों से लगते इलाकों में फायर वॉचर की तैनाती कर दी है। फायर वॉचर कहीं भी आग लगने की सूचना तत्काल विभागीय अधिकारियों को देने के साथ ही 15 अन्य लोगों को साथ लेकर मौके पर पहुंचेंगे, ताकि आग पर समय रहते काबू पाया जा सके।
पिछले कुछ दिनों में मोरनी और यमुनानगर के कुछ इलाकों में तापमान में इजाफे के बीच वन क्षेत्र में कई स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। वन विभाग के अफसर भी यह मानते हैं कि यदि हिमाचल से लगते हरियाणा के वन क्षेत्र में आग का कहर बरपा तो इस पर काबू पाना विभाग के लिए मुश्किल होगा।
हरियाणा में शिवालिक की पहाड़ियों से लगते जिलों के वन संरक्षक (उत्तरी क्षेत्र) एमवी शर्मा ने बताया कि पंचकूला, यमुनानगर और अंबाला, के अलावा दो अन्य जिलों के सीमावर्ती इलाकों पर खास तौर पर अलर्ट है। अगर जंगल में आग लगने की कोई घटना होती है तो इससे बचाव के लिए फायर वॉचर की तैनाती कर दी गई है।
फायर वॉचर के तौर पर उन्हीं इलाकों के समाजसेवियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। दूसरी ओर आग पर नियंत्रण के लिए विभागीय अधिकारियों की टीमें भी बनाई गई हैं, जो घटना की जानकारी मिलते ही मौके के लिए रवाना होंगी। इस तरह उत्तर हरियाणा में ऐसे करीब 200 फायर वॉचर की नजर जंगल की आग पर टिकी हैं।
काउंटर फायर तकनीक के जरिये किया जा रहा आग को काबू :
पिछले कुछ दिनों में गर्मी और सूखे पत्तों के कारण जंगल में आग लगने की घटनाएं बढ़ीं हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आग लगने की कई वजहें हैं। वैसे आग लगने की घटनाओं पर काबू पाने के लिए काउंटर फायर तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। आग बुझाने के लिए पानी मुहैया कराना भी एक बड़ी समस्या हैं।
बढ़ सकता है तापमान
मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के मुताबिक अगर हरियाणा के आसपास के क्षेत्रों के जंगलों में लगने वाली आग लंबे समय तक लगी रही तो तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।