स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों ने अपने माता-पिता का चरण स्पर्श कर धोया, तिलक लगाया, पूजन किया और आभार व्यक्त किया। बच्चों ने माता-पिता के सम्मान में गीत, नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, साथ ही उनके साथ विभिन्न खेल खेले और खूब मजे किए।
बस्तर विकास खंड के प्राथमिक शाला खैरगुड़ा में मातृ-पितृ दिवस एक अत्यंत उत्साहपूर्ण और आनंदमय वातावरण में मनाया गया। इस विशेष अवसर पर, स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपने माता-पिता के चरण धोकर, तिलक लगाकर उनका पूजन किया और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों ने अपने माता-पिता के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और उनके साथ मिलकर कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
विज्ञापन
स्कूल के शिक्षकों ने इस अवसर पर बच्चों को माता-पिता के जीवन में महत्व के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बच्चों को उनके प्रति सम्मान और प्रेम प्रदर्शित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं स्कूल के प्रधानाध्यापक, छन्नूराम मंडावी ने अपने संबोधन में कहा कि माता-पिता का सम्मान करना हमारा परम कर्तव्य है और हमें सदैव उनके प्रति आभारी रहना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि माता-पिता हमारे जीवन के सबसे बड़े गुरु होते हैं और हमें उनके सानिध्य में ही सच्चा ज्ञान प्राप्त होता है।
कार्यक्रम के दौरान, बच्चों ने अपने माता-पिता के साथ मिलकर विभिन्न प्रकार के खेलों का आनंद लिया, जिससे वातावरण और भी खुशनुमा हो गया। कार्यक्रम का समापन हृदयस्पर्शी क्षणों के साथ हुआ, जब बच्चों ने अपने माता-पिता को गले लगाकर अपने स्नेह का इजहार किया।
विज्ञापन
स्कूल के शिक्षकों और उपस्थित अभिभावकों ने बच्चों को मातृ-पितृ दिवस की हार्दिक बधाई दी और उन्हें जीवन में निरंतर प्रगति करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक छन्नूराम मंडावी, शिक्षिका इंदूबाई, उर्धेश्वर ठाकुर, हेमकुमार, बालमती, धनीराम, कुसुमलता, हेमबती, जंयती, मोहनबती, गोमती ठाकुर, बसंत नाग, लोकनाथ, बोगलू, नीलम और अन्य अभिभावक उपस्थित रहे।