लॉकडाउन ने लोगों के लोन की किस्तों का शेड्यूल गड़बड़ा दिया है। कंपनियों ने वेतन आधे कर दिए हैं। बड़ी संख्या में फैक्ट्री संचालकों ने कर्मचारियों को पिछले महीने का भुगतान नहीं किया है। ऐसे में किसी के खाते में पैसा नहीं है तो किसी के खाते में सिर्फ किस्त भर का पैसा है।
रिजर्व बैंक ने तीन महीने तक लोन की किस्त न काटने का आदेश दिया है। इसका कहीं पालन हो रहा है तो कहीं नहीं। ऐसे में लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, चाहे वो उद्योगपति हो या आम आदमी। अमर उजाला के संज्ञान में कई ऐसे मामले आए, जिनमें खाताधारक के खाते में कम पैसा होने की वजह से चेक वापस जाने का शुल्क कट गया।