झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायधीश ध्रुव नारायण उपाध्याय राज्य के नए लोकायुक्त होंगे। सरकार जल्द ही यह घोषणा कर सकती है। ध्रुव नायारण 9 अगस्त 2016 को रिटायर्ड हुए थे।
रविवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता वाली कमेटी ने लोकायुक्त के लिए न्यायधीश उपाध्याय के नाम पर अंतिम मुहर लगाई। मुख्यमंत्री के आवास पर हुई इस बैठक में विपक्ष के नेता हेमंत सोरेन और झारखंड के कार्यकारी मुख्य न्यायधीश पीके मोहंती भी मौजूद थे।
2 जनवरी 2016 को अमरेश्वर सहाय का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद से ही राज्य में लोकायुक्त का पद खाली था। इससे पहले रघुवर दास ने विधानसभा में जल्द ही लोकायुक्त की नियुक्ति की बात कही थी।
लोकायुक्त एक अर्ध न्यायिक पद है जो जनता तक साफ सुथरी और पारदर्शी सरकार पहुंचाता है। लोकायुक्त शासन पर नजर रखने का काम करता है, जो पीड़ितो की शिकायत और सुझावों पर विचार करता है।
बिहार से अलग होकर नए राज्य बनने के बाद झारखंड लोकायुक्त अधिनियम 2001 में अधिनियमित किया गया। झारखंड लोकायुक्त का कार्यालय 4 दिसंबर 2004 से कार्यरत है। झारखंड के पूर्व न्यायधीश लक्ष्मण ओरॉन पहले लोकायुक्त चुने गए थे । 2009 में लक्ष्मण ओरॉन के सेवानिवृत्त होने के बाद न्यायधीश अमरेश्वर सहाय को इस पद का कार्यभार सौंपा गया।