बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने राज्य बजट को लेकर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आदिवासियों, युवाओं, किसानों और मजदूरों के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पंचायत भर्ती जैसे मुद्दों पर बजट को निराशाजनक बताया।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष और बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने भाजपा सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस बजट में बस्तर के आदिवासियों, युवाओं, किसानों और मजदूरों के लिए कोई ठोस और जमीनी प्रावधान नहीं किया गया है, बल्कि केवल आंकड़ों के जरिए बड़ी तस्वीर पेश करने की कोशिश की गई है।
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लखेश्वर बघेल ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में बस्तर के लिए कोई विशेष और अलग प्रावधान नजर नहीं आता। उन्होंने आरोप लगाया कि दूरस्थ अंचलों में स्कूलों की स्थिति जर्जर है, अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी है और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की समस्या गंभीर बनी हुई है, लेकिन बजट में इन मुद्दों पर ठोस पहल नहीं दिखाई देती।
रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बस्तर के स्थानीय युवाओं को नौकरी देने के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई गई। किसानों को धान खरीदी, बोनस और सिंचाई सुविधा को लेकर ठोस भरोसा नहीं मिला, जबकि मजदूर वर्ग के लिए भी कोई नई प्रभावी योजना घोषित नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इस बजट से युवा, किसान, मजदूर और आम जनता किसी भी वर्ग को प्रत्यक्ष लाभ मिलता नजर नहीं आता।
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उपनेता प्रतिपक्ष ने ग्राम पंचायत सचिव भर्ती का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बस्तर में लंबे समय से नई भर्ती नहीं निकली है। कई ग्राम पंचायतों में एक ही सचिव को दो या तीन पंचायतों का प्रभार दिया गया है, जिससे विकास कार्य बाधित हो रहे हैं और योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि पंचायत स्तर पर रिक्त पदों को तुरंत भरा जाए।
अंत में लखेश्वर बघेल ने कहा कि यदि सरकार ने बस्तर की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया तो वे सदन से लेकर सड़क तक संघर्ष करेंगे। उन्होंने बजट को आम जनता की अपेक्षाओं के विपरीत बताते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।