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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव: गाय की बलि देने का मामला गरमाया, भाजपा के लिए जवाब देना मुश्किल   

Thu, 25 Oct 2018 03:06 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
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BJP
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छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पिछले 15 सालों से विपक्ष में बैठी कांग्रेस इस बार रमन सरकार और बीजेपी को घेरने के लिए कोई भी मुद्दा नहीं छोड़ना चाहती। कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर चाल, चरित्र और चेहरे के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का आरोप है कि लगातार भारतीय जनता पार्टी गायों के नाम पर सियासत करती है, चंदा वसूलती है, लेकिन इन्हीं के नेता गायों की बलि देते हैं।
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कांग्रेस का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी ने ऐसे पूर्व विधायक को एक बार फिर विधानसभा का टिकट दिया है जिस पर गाय की बलि देने का आरोप है। पूरा मामला छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विधानसभा का है जहां हाल में ही भाजपा ने पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा को बीजेपी का प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस ने देवलाल दुग्गा को गाय का हत्यारा बताकर भाजपा को घेरा है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सिर्फ गायों के नाम पर सियासत करती है और गौ हत्यारों को संरक्षण देती है।  

कांकेर के भानुप्रतापपुर विधानसभा से पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा को प्रत्याशी बनाए जाने से हिंदू संगठनों में खासा विरोध शुरू हो गया है। कहा जा रहा है कि देवलाल दुग्गा ने 2013 फरवरी में अपने पैतृक गांव खड़का जिला नारायणपुर में किसी मन्नत को लेकर गाय की बलि चढ़ाई थी जिसका ग्रामीणों ने विरोध भी किया था, लेकिन वहां से उन्हें खदेड़ दिया गया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुजारी से पूछताछ की कि गाय कैसे काटी गई। गांववालों के दबाव में पुजारी ने बताया कि देवलाल दुग्गा का बहुत पुराना मंदिर और वह गाय लेकर आया था जिसकी बलि खरका गांव में दी गई।
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गांववालों ने इस बातचीत की वीडियो रिकॉर्डिंग की और थाने में भी इसकी सूचना दी। इसके बाद नारायणपुर उत्तर बस्तर कांकेर में सियासत गरमा गई। कई संगठनों ने पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। उस दौरान गौहत्या का मामला खासा गरमाया था जिसके बाद सरकार भी बैकफुट पर आ गई थी। कांग्रेस इस मुद्दे को आसानी से छोड़ना नहीं चाहती। स्थानीय लोगों और पुजारी के बीच गोंडी भाषा में क्या बातचीत हुई पढ़िए-  
 
 
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ग्रामीण- गाय की किसने बली दी। इसे खाना नहीं है, रिपोर्ट हो जाएगी। इसे किसने मारा, अरे किसने मारा है बताते क्यों नहीं हो?
पुजारी- मेरे से गलती हो गई मैंने ही मारा है। 
ग्रामीण- ये गलती नहीं इसमें पुलिस केस होगा।
पुजारी-मुझे माफ़ कर दो मेरे से गलती हो गई।
ग्रामीण- प्रमुख व्यक्ति होकर तुमने इतनी बड़ी गलती क्यों की?
पुजारी-अचानक लाकर मुझे बोला कि इस गाय को काटो।
ग्रामीण- एक बार गांव के प्रमुख लोगों को भी बताना था।
पुजारी- गलती हो गई। 
ग्रामीण- गलती नहीं ये बात आगे लेकर जाएंगे । तुमको ये गाय काटने किसने बोला बताओ?
पुजारी- देवलाल दुग्गा । 
ग्रामीण- कौन देवलाल।
पुजारी-नेता देवलाल दुग्गा।
पुजारी- धोखे से कटवाया।
ग्रामीण- गाय को काटने का अधिकार किसी को नही है। तुमने किसी से बिना पूछे ये सब कर दिया।
पुजारी- मुझे माफ़ कर दो, मुझे माफ़ कर दो।

यह वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस इस पूरे मामले को भुनाने में जुटी हुई है, वहीं कांग्रेस आरोप लगा रही है कि भारतीय जनता पार्टी सिर्फ गायों के नाम पर सियासत करती है। लेकिन अब जनता इनका असली चेहरा जान चुकी है और 2018 में कांग्रेस के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सरकार बन रही है।

वहीं, इस पूरे मामले के उजागर होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता कांग्रेस पर ही बीफ पार्टी करने का आरोप लगा रहे हैं। बीजेपी के नेताओं का आरोप है कि कांग्रेसी गायों की हत्या करती है और भी पार्टी करती है और किसी भी तरह का जो बीजेपी प्रत्याशी पर आरोप लगाया गया है वह बेबुनियाद है। यह सब विधानसभा चुनाव के पहले बीजेपी को घेरने की कांग्रेस की कोशिश है।

 
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