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जगदलपुर जेल में नशाखोरी पर छापा: कैदी पीते मिले गांजा, एसडीएम की रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे

Wed, 24 Jun 2026 03:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर

सार

केंद्रीय जेल में कैदी के भागने और मौतों के मामलों की जांच हुई। एसडीएम की जांच रिपोर्ट में बड़े खुलासे सामने आए हैं। इन खुलासों ने प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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केंद्रीय जेल जगदलपुर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय जेल जगदलपुर में हाल ही में हुए कैदी के भागने और मौतों के मामलों की जांच करने पहुंचे उप जिलाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में बड़े खुलासे किए हैं। इन खुलासों ने न सिर्फ प्रशासन बल्कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के दौरान जेल के अंदर कैदी आराम से गांजा पीते हुए पाए गए। बीते कुछ दिनों से जेल की व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे।

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इन्हीं सवालों के मद्देनजर उप जिलाधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। जब जांच दल जेल पहुंचा, तो उप जिलाधिकारी भी वहां की स्थिति देखकर चकित रह गए। जांच दल ने पाया कि जेल की बैरकों में कैदी आराम से बैठकर गांजा फूंक रहे थे। वहां तैनात सिपाहियों के खड़े रहने के बावजूद किसी भी कैदी को कोई रोक-टोक नहीं की जा रही थी। बैरक संख्या सात के पास गांजे की एक पुड़िया भी मिली। जब्त किए गए गांजे का वजन 14.1 ग्राम था। इस गांजे को जब्त करने के बाद कोतवाली में अज्ञात गांजा तस्कर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह घटना जेल में सुरक्षा के दावों पर प्रश्नचिह्न लगाती है।

जांच में चौंकाने वाले तथ्य
उप जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जेल के भीतर कैदियों को आसानी से नशे का सामान उपलब्ध हो रहा है। यह स्थिति तब है जब जेल में निगरानी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। जांच दल ने स्पष्ट रूप से देखा कि कैदी बिना किसी डर के गांजा पी रहे थे। सिपाहियों की मौजूदगी में भी उन्हें कोई रोकने वाला नहीं था। यह दर्शाता है कि जेल प्रशासन की मिलीभगत या घोर लापरवाही है।
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सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न
केंद्रीय जेल जगदलपुर से विगत माह पहले एक कैदी के भागने की घटना हुई थी। इसके अलावा जेल के अंदर कैदियों की मौत के मामले भी सामने आए थे। अब नशाखोरी का यह नया मामला सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। निगरानी कैमरों की निगरानी के बावजूद नशे का सामान अंदर पहुंचना चिंताजनक है। यह जेल की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली की विफलता को उजागर करता है। प्रशासन को इस पर गंभीरता से विचार करना होगा।

गांजा तस्करी
जांच के दौरान बैरक संख्या सात के पास से 14.1 ग्राम गांजा जब्त किया गया। इस बरामदगी के बाद कोतवाली में अज्ञात गांजा तस्कर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह दर्शाता है कि जेल के भीतर से ही नशे के सामान की आपूर्ति की जा रही है। पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच करेगी। गांजा तस्करों और इसमें शामिल जेल कर्मचारियों की पहचान करना आवश्यक है। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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