केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि अदालत के निर्देशानुसार वह एनसीआर ही नहीं, पूरे भारत को ध्यान में रखते हुए वायु प्रदूषण से निपटने की योजना बना रही है। इस पर जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी को होगी। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष केंद्र की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एएनएस नादकर्णी ने बताया कि गत 13 दिसंबर को दिए गए कोर्ट के निर्देश के बाद पूरे देश के लिए वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने की योजना तैयार की जा रही है। साथ ही दिल्ली और उसके निकटवर्ती राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में वायु प्रदूषण को लेकर विस्तृत कार्य योजना तैयार कर ली गई है।
सुप्रीम कोर्ट को बताया यूपी, हरियाणा और राजस्थान पर विस्तृत कार्य योजना बनाई गई
उन्होंने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (
सीपीसीबी) इस संबंध में जरूरी निर्देश जारी करेगा। सुनवाई के दौरान पीठ ने पाया कि पटना और रायपुर में दिल्ली से अधिक वायु प्रदूषण है। सुनवाई के दौरान अमाइकस क्यूरी ने पीठ को बताया कि प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) को लेकर ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया की रिपोर्ट मिल गई है।
पराली जलाने पर चिंता जताते हुए पीठ ने सरकार को कड़े कदम उठाने की हिदायत दी
पीठ ने रिपोर्ट की प्रति को रिकॉर्ड पर लेते हुए एएसजी को इस पर गौर करने को कहा है। साथ ही पराली जलाने पर चिंता जताते हुए पीठ ने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय को इस मामले में सख्त कदम उठाने की जरूरत है।