पूर्व सांसद धनंजय सिंह।
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शहर के पचहटिया इलाके में करोड़ों की लागत से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण चल रहा है। कार्यदायी संस्था जल निगम ने मुजफ्फरनगर के सिंघल ग्रुप को निर्माण का जिम्मा सौंपा है। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि विक्रम सिंह दो लोगों के साथ 4 मई को उनकी साइट पर आए और जबरन गाड़ी में बिठाकर धनंजय सिंह के घर ले गए।
वहां धनंजय सिंह ने पिस्टल दिखाकर धमकाते हुए एसटीपी निर्माण के लिए सामग्री की आपूर्ति लेने का दबाव बनाने लगे। उनकी ओर से दी जा रही सामग्री की खराब गुणवत्ता का हवाला देते हुए आपूर्ति लेने में असमर्थता जताई तो अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए अभद्रता की। उन्हें हिदायत दी गई है कि अगर वह उनकी बात नहीं मानते तो इसके परिणाम भुगतने होंगे।
तहरीर के आधार पर लाइन बाजार थाने में धनंजय सिंह, उनके करीबी विक्रम सिंह और दो अन्य के खिलाफ अपहरण, धमकी देने, मारपीट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया। देर रात शहर के कालीकुट्टी स्थित आवास पहुंचकर पुलिस ने पूर्व सांसद को गिरफ्तार कर लिया।
लाइन बाजार एसओ दिनेश कुमार पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है। सीओ सिटी सुशील कुमार सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि की। प्रोजेक्ट मैनेजर के अपहरण और धमकी देने के मामले में पूर्व सांसद पर कार्रवाई की गई है। मामले की जांच की जा रही है।