बता दें कि बिहार के सभी 38 जिलों में 110 अल्पावास गृह संचालित हो रहे हैं, जिनमें लड़कियों और महिलाओं के लिए अलग अल्पावास गृह बनाए गए हैं। इन सभी अल्पावास गृहों को सरकारी अनुदान प्राप्त है। हालांकि इनमें से पांच अल्पावास गृहों को अभी हाल ही में बंद किया गया है, जिसमें छपरा और मुजफ्फरपुर के अल्पावास गृह भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में छपरा में नारी उत्थान केंद्र द्वारा मौना मोहल्ले में संचालित अल्पावास गृह में एक विक्षिप्त लड़की से गार्ड द्वारा यौन शोषण किए जाने का मामला सामने आया था। पीड़ित लड़की के गर्भवती होने के बाद इस घटना का पता चला। पुलिस ने मामला दर्ज कर गृह संचालिका सरोज कुमारी और आरोपी गार्ड रामस्वरूप पंडित को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एनजीओ सचिव रणधीर कुमार की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
इससे पहले दो जून को मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में भी लड़कियों का यौन शोषण और उनके साथ हिंसा का खुलासा हुआ था। इस मामले में पुलिस ने दस लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें बालिका गृह के कर्मचारी भी शामिल हैं।