बस्तर पुलिस विभाग में आरक्षक के पद से सेवा शुरू करने वाले उप निरीक्षक बुधराम कोमरे 31 मार्च को 40 वर्षों के लंबे कार्यकाल के बाद शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो गए। उनके सम्मान में बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में विदाई समारोह आयोजित किया गया।
बस्तर पुलिस विभाग में लगभग चार दशकों तक अपनी सेवाएं देने के बाद उप निरीक्षक बुधराम कोमरे 31 मार्च को शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने आरक्षक के पद से अपना कॅरिअर शुरू किया था। अपने 40 वर्ष के कार्यकाल में वे उप निरीक्षक के पद तक पहुंचे।
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उनके सम्मान में 31 मार्च को एक विदाई समारोह आयोजित किया गया। यह समारोह बस्तर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में संपन्न हुआ। इसमें पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा उपस्थित रहे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग भी समारोह में मौजूद थे। उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) संतोष जैन ने भी शिरकत की।
रक्षित निरीक्षक अभिजीत सिंह भदौरिया और लोहंडीगुड़ा थाना प्रभारी रवि बैंगा भी उपस्थित थे। इनके साथ अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी भाग लिया। सभी उपस्थित लोगों ने बुधराम कोमरे के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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सेवा सफर की एक झलक
बुधराम कोमरे ने 12 अप्रैल 1986 को जिला पुलिस बल में आरक्षक के पद से शुरुआत की। अपनी कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन के बल पर वे निरंतर पदोन्नत होते रहे। वे वर्ष 1998 में प्रधान आरक्षक बने। इसके बाद वर्ष 2007 में सहायक उप निरीक्षक के पद पर पहुंचे। अंततः वर्ष 2014 में उन्हें उप निरीक्षक का पद मिला।
अपने 39 वर्ष, 11 माह और 19 दिनों के लंबे कार्यकाल के दौरान उन्हें सम्मानित किया गया। कोमरे को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 15 नगद पुरस्कार और 55 प्रशंसा पत्र मिले। पूरे सेवाकाल में उन्हें कोई भी बड़ी सजा नहीं मिली। उन्होंने बस्तर और दंतेवाड़ा जैसे चुनौतीपूर्ण जिलों के विभिन्न थानों में सेवाएं दीं। वे वर्ष 1994 से वर्ष 2018 तक जिला दंतेवाड़ा में पदस्थ रहे।