माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। लगातार बढ़ रहे कोरोनावायरस को देखते हुए अभिभावक बच्चों को लेकर परेशान हैं। अभिभावकों की मांग है कि जब तक कोरोना संक्रमण पूरी तरह से समाप्त न हो जाए तब तक स्कूल में खुले जाएं । अभिभावकों की समस्या को देखते हुए गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र लिखकर स्कूल न खोलने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि स्कूल खोले गए तो वह आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। गाज़ियाबाद पेरेंट्स एसोसिशन द्वारा रविवार, को मानव संसाधन विकास मंत्रालय\" द्वारा स्कूलों को खोले जाने के संदर्भ में मांगे गये अभिभावकों से सुझाव पर ज़िलें के समस्त निजी स्कूलों के अभिभावकों ने खुल कर इस सुझाव के तहत अपनी राय रखी । जिसकी संख्या हजारों के ऊपर थी। समस्त अभिभावको का कहना है की कोविड-19, करोना महामारी के इस पेंडिमिक समय में सराकर बिल्कुल भी स्कूलों को खोलने के बारे में न सोचे । क्योंकि इस महामारी में मरीजों की संख्या दिन प्रतदिन बढती ही जा रही है । कई अभिभावकों ने तो यहां तक मेल में लिखा है की वह अपने बच्चों को स्कूल भेजेंगे ही नही, जब तक कोरोना महामारी का एक भी मरीज जिले में संक्रमित रहेगा। उन्होंने कहा कोरोना की कोई वैक्सीन नही आ जाती और उसके परिणाम पुर्णतया सफल नही हो जाते है। देश में कोरोना के मरीज लगातार बढ़ रहे है 2 दिन पहले आंकड़े के अनुसार देश में लगभग चालीस हजार संक्रमित मरीज एक दिन में पाये गये। ऐसे में स्कूल खोलना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए घातक कदम हो सकता है। इसलिए सरकार को फैसला करते वक़्त इन बातों पर भी ध्यान देना ज़रूरी है। साथ ही जीपीए के उपाध्यक्ष जगदीश बिष्ट ने कहा की सरकार बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति चिंतित है, इसीलिए स्कूलों को खोले जाने के बारे में अभिभावकों से राय जानना सरकार की सराहनीय पहल है, और हम आशा करते है की सरकार अभिभावकों की राय पर बच्चों के प्रति भावनात्मक और सुरक्षात्मक दृष्टिकोण रखते हुए एक सकरात्मक फैसला लेगी ।