झज्जर। छारा गांव से गंभीर अवस्था में गर्भवती भैंस को गोकुल धाम महातीर्थ लाया गया। चिकित्सकीय जांच में पता चला कि उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मृत्यु हो चुकी थी, जिससे भैंस के जीवन पर खतरा बना हुआ था। स्थिति को देखते हुए गौ-चिकित्सकों की टीम ने तुरंत सिजेरियन ऑपरेशन किया। कई घंटे चले जटिल ऑपरेशन में मृत बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला गया और भैंस की जान बचाई गई। फिलहाल भैंस चिकित्सकों की निगरानी में है और उसका उपचार जारी है। संस्था के संस्थापक सुनील निमाणा ने बताया कि गोकुल धाम में सभी जीवों की चिकित्सा और सेवा की जाती है। उन्होंने लोगों से बीमार या घायल जीवों की सूचना देने की अपील की।