सुबह -ए -बनारस की महफिल में सोमवार को अमेरिका की अलिफ लैला ने सितार के तारों पर अलापा, जोड़ झाला की बेजोड़ प्रस्तुति के जरिए तन -मन को झंकृत कर दिया।
मैहर सेनिया घराने के उस्ताद अल्लाउद्दीन खां के भतीजे उस्ताद मीर कासिम खान की शिष्या लैला ने प्रभाती रागों के साथ धुनें भी बजाईं।
अलिफ लैला ने राग नट भैरव की सितार पर अवतारणा की। आलाप, जोड़ के उपरांत विलंबित तीन ताल में निबद्ध गत बजाकर वाहवाही बटोरी।
इसके बाद मध्य एवं द्रुत तीनताल में निबद्ध गतों से उन्होंने संगीत प्रेमियों को मुग्ध कर दिया।
राग भैरवी में ठुमरी से उन्होंने विराम लिया। बोल थे- बाट चलत मोरी चुनरी रंग डारि...।
तबले पर संगत की किशन राम डोहकर ने। जर्मनी से साइकिल से यात्रा लेकर काशी आए अलेक्जेंडर ने कलाकारों को सम्मानित किया।