छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के भटगांव स्थित एसईसीएल के बंद पड़े दुग्गा ओसीएम में अवैध कोयला उत्खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। सोमवार को कोयला निकालते वक्त सुरंग धंसने से युवक अंदर फंस गया था। वहीं करीब 24 घंटे बाद मंगलवार को भटगांव-विश्रामपुर की संयुक्त रेस्क्यू टीम ने उसका शव बरामद किया। मामला भटगांव थाना क्षेत्र का है।
सोमवार दोपहर तीन युवक बंद खदान में अवैध कोयला उत्खनन करने पहुंचे थे। इसी दौरान अम्बिकापुर के सरगवां निवासी शिव (30) सुरंग के अंदर घुसकर कोयला खोदाई का काम कर रहा था। चार बोरी से अधिक कोयला खोदाई कर बाहर निकाल लिया गया था। इस दौरान शिव अंदर जाकर कोयले से भरी बोरी को बाहर निकल ही रहा था कि अचानक भरभरा कर एक बड़ी चट्टान सामने गिर गई। इससे सुरंग का ऊपर का हिस्सा धंस गया और वह दबकर फंस गया। उसके साथ आए दो युवक किसी तरह भागकर गांव लौटे। उन्होंने परिजनों समेत पुलिस को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलने पर भटगांव पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन पानी गिरने से सोमवार शाम को रेस्क्यू रोकना पड़ा। मंगलवार सुबह एसईसीएल भटगांव व विश्रामपुर की रेस्क्यू टीम ने कई घंटे की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला। घटनास्थल बीहड़ क्षेत्र में होने से मशीनें लगाना संभव नहीं था, जिससे अभियान और मुश्किल हो गया। लेकिन रेस्क्यू टीम ऑपरेशन को सफल करने के लिए जुटी रही। हाथों से चट्टान को तोड़ कर शव को बाहर निकाला गया।
मृतक की हुई पहचान
मृतक शिव बरवा मूलतः अंबिकापुर के सरगवां का रहने वाला था। वर्तमान में वह भटगांव वार्ड क्रमांक 2 में अपने ससुर टूका बैगा के घर रह रहा था। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
पहले भी हो चुके हादसे
एसईसीएल की यह दुग्गा ओसीएम खदान फॉरेस्ट क्लियरेंस न मिलने के कारण 2012 से बंद है। बावजूद इसके, यहां अवैध उत्खनन जारी है। इससे पहले भी एक दर्जन से ज्यादा लोग हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं।