अनूप की तत्परता ने न केवल समस्या का समाधान किया, बल्कि उनकी सामाजिक सोच को भी उजागर किया। अनूप के इस कार्य ने सभी का ध्यान खींचा है। इस मार्ग से नियमित रूप से गुजरने वाले अधिकारी और आम लोग भी गड्ढों से परेशान थे।
बलरामपुर-रामानुजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग-343 की स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। बीते मंगलवार रात करीब 10 बजे बाइक से जा रहे नवापारा गांव के 29 वर्षीय युवा किसान अनूप यादव आरागाही के पास पानी से भरे गड्ढे में गिरते-गिरते बचे। इस घटना के बाद अनूप ने बुधवार को अपनी पहल से आठ ट्रैक्टर मोरम लाकर गड्ढों को भरवा दिया।
विज्ञापन
अनूप का कहना है, 'अगर मैं गिर जाता तो गंभीर चोट लग सकती थी, हाथ-पैर टूट सकते थे और लाखों रुपये खर्च हो सकते थे। कुछ हजार रुपये में गड्ढे भरवाकर न केवल मुझे, बल्कि अन्य लोगों को भी राहत मिलेगी।' उनकी इस पहल की क्षेत्र में जमकर प्रशंसा हो रही है और लोगों को तात्कालिक राहत मिली है।
गौरतलब है कि बलरामपुर से रामानुजगंज के बीच नेशनल हाइवे-343 पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। तातापानी और आरागाही के पास सब्जी बाजार के आगे ये गड्ढे विशेष रूप से खतरनाक हो गए थे। इन गड्ढों की जानकारी राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को भी थी, लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। अनूप की तत्परता ने न केवल समस्या का समाधान किया, बल्कि उनकी सामाजिक सोच को भी उजागर किया।
विज्ञापन
अनूप के इस कार्य ने सभी का ध्यान खींचा है। इस मार्ग से नियमित रूप से गुजरने वाले अधिकारी और आम लोग भी गड्ढों से परेशान थे। अनूप की इस पहल ने न केवल सड़क को सुरक्षित बनाया, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा भी स्थापित की।