देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठ रहे आक्रोश के मद्देनजर अब छत्तीसगढ़ में भी इस ओर कार्य किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में महिलाओं को सुरक्षा देने और उनकी समस्याओं के निपटारे के लिए एक महिला दस्ते का गठन किया जायेगा। नये साल की शुरूआत से यह दस्ता काम करना शुरू कर सकता है।
पुलिस महानिदेशक रामनिवास ने छत्तीसगढ़ में अलग दस्ता बनाने की पुष्टि की है। पूरे देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी दुष्कर्म की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। पिछले हफ्ते राजधानी रांची में दो सामूहिक दुष्कर्म के मामले सामने आये हैं। इन बढ़ रही घटनाओं के चलते छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस प्रमुख ने अलग से महिला दस्ते पर काम करना शुरू कर दिया है। इस दस्ते के गठन के बाद भी पूर्व से गठित महिला सेल अपना काम करती रहेगी और विशेष दस्ते को सहयोग देगी। अधिकारियों के अनुसार शुरूआत में सभी थानों में एक-एक महिला अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। महिलाओं व छात्राओं की ज्यादा आवाजाही वाली जगहों पर इन अधिकारियों की नजर रहेगी।
बल भर्ती के बाद सिर्फ महिलाओं का ही दस्ता बनाया जाएगा, जो स्कूल-कॉलेज से लेकर सार्वजनिक स्थानों में गश्त करेगी। महिलायें थाने में जाकर बेहिचक अपनी शिकायत दर्ज करा सकें इसके लिए हर थाने में महिला अधिकारी की तैनाती की जाएगी, जो सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा संबंधी कार्रवाई करेगी। पुरष अधिकारी होने की वजह से महिलायें अपनी समस्या खुलकर बता नहीं पाती।