बालोद जिले में आगामी नगरीय निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। आज आरक्षण का रण तैयार हुआ। कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में जिले भर के दो नगर पालिका और छह नगर पंचायत के लिए पार्षदों के लिए वार्ड प्रत्याशियों का आरक्षण किया गया और सुबह 11:00 से ही चुनाव लड़ने की उम्मीद लिए प्रत्याशी कलेक्ट्रेट परिसर में डटे हुए हैं। बारी-बारी से सभी नगरीय निकाय क्षेत्र का आरक्षण किया जा रहा है। सबसे पहले बारूद नगर पालिका का आरक्षण किया गया, जिसके बाद दल्ली राजहरा नगर पालिका का भी आरक्षण किया गया।
बालोद कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चन्द्रावल ने बताया कि प्रदेश से जो प्रावधान मिले हैं, आरक्षण के लिए उसी के नियमों के अनुसार आज आरक्षण प्रक्रिया सभी नगरीय निकाय क्षेत्र के लिए किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले नगर पालिका क्षेत्र का आरक्षण किया गया इसके बाद नगर पंचायत क्षेत्र का आरक्षण किया जा रहा है। सूचना प्रसारण के बाद से ही सभी राजनीतिक दलों को लोग भी यहां पर पहुंचे हुए हैं।
किस्मत आजमाने पहुंचे नेता
आरक्षण के रण में भाजपा कांग्रेस सहित निर्दलीय प्रत्याशियों की कोड कलेक्ट्रेट सभा कक्ष सहित परिसर में देखने को मिली। सभी प्रत्याशी चुनाव लड़ने की उम्मीद में आरक्षण जानने के लिए पहुंचे हुए हैं और इस प्रक्रिया का हिस्सा भी बने। भारतीय जनता पार्टी से वरिष्ठ पार्षद कमलेश सोनी ने बताया कि नियमन अनुसार यहां पर आरक्षण किया जा रहा है और हम सब अपनी उम्मीदों को लिए हुए यहां पहुंचे हुए हैं। उन्होंने कहा जो जिस उम्मीद में आया था, शायद उन्हें वह मिला है।
वहीं, वरिष्ठ नेता अमित चोपड़ा ने बताया कि इस बार जनसंख्या के अनुपात के हिसाब से सर्वाधिक रूप से ओबीसी वर्ग को निकाय क्षेत्रों में दावेदारी करने का अवसर मिलने जा रहा है। वहीं, बालोद नगर पालिका के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता अनिल यादव ने बताया कि कई जगहों पर पार्षदों के जो आरक्षण है वह बदले हैं, इन्हें देखते हुए नए चेहरों को इस बार मौका मिल सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे कांग्रेस पार्टी के जितने भी कार्यकर्ता हैं सभी को समय अनुसार पार्टी मौका देगी. आज हम आरक्षण प्रक्रिया में शामिल हुए और हर बार की तरह नियम से यहां पर आरक्षण किया जा रहा है।
सुबह से जारी है प्रक्रिया
सुबह से ही आरक्षण की प्रक्रिया शुरू हुई जो कि शाम तक चलती रही। आपको बता दें कि इस बार कैबिनेट में अन्य पिछड़ा वर्ग को नगरी निकाय क्षेत्रों में ज्यादातर हिस्सेदारी के फैसले के बाद से उन्हें के आधार पर जिले में आरक्षण प्रक्रिया संपन्न किया गया है। इस बार हो सकता है बालोद नगर पालिका अन्य पिछड़ा वर्ग के हिस्से में चली जाए। वहीं, अन्य नगर पंचायत के लिए भी पिछड़ा वर्ग दावेदार सक्रिय देखने को मिल रहे हैं।