कांकेर जिले के ग्राम नारा में ग्रामीणों ने पेनकुमार जैन, उनकी पत्नी और बेटों के साथ मारपीट की। दोनों पक्षों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ितों ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है।
कांकेर जिला मुख्यालय से 10 किमी दूर ग्राम नारा में पेनकुमार जैन, उनकी पत्नी दीपिका जैन और बेटे उमाकांत व उमेश जैन के साथ ग्रामीणों ने मारपीट की। यह घटना गांव में तहसीलदार के नोटिस के बाद बुलाई गई बैठक के दौरान हुई। दोनों पक्षों ने थाने में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज की है।
विज्ञापन
पेनकुमार ने जनदर्शन में गांव से बहिष्कार का आवेदन दिया था, जिसके बाद तहसीलदार ने नोटिस जारी किया। नोटिस मिलने पर ग्रामीणों ने कलार समाज भवन के सामने बैठक बुलाई, जहां विवाद बढ़ गया। पीड़ितों का आरोप है कि तोरण सिन्हा, महेश पोया, और कमल सिन्हा ने उनके साथ मारपीट की। दीपिका जैन ने बताया कि एक मई को घर के बाहर शोर सुनकर वे बाहर निकलीं, जहां उनके पति और बेटों को पीटा जा रहा था। उन्हें बचाने के दौरान उनके कपड़े फट गए और उन्हें चोटें आईं। ग्रामीणों ने गाली-गलौज करते हुए चोरी का झूठा आरोप लगाया।
पीड़ितों ने थाने में शिकायत दर्ज की, लेकिन दीपिका के नाम से शिकायत दर्ज न होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उधर, कुछ माह पूर्व गांव में हुई मंडली चोरी के मामले में उमाकांत जैन और एक अन्य व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिसका मामला कोर्ट में चल रहा है। पीड़ितों ने ग्रामीणों पर बदनाम करने और खेती-किसानी में बाधा डालने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर कार्रवाई शुरू कर दी है।