गुरुर विकासखंड क्षेत्र के चिटौद प्राथमिक विद्यालय के बच्चों का कूड़ा उठाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बच्चे स्कूल में पढ़ने गए थे, लेकिन विद्यालय में शिक्षकों ने उन्हें कचरा उठाने के काम में लगा दिया। वीडियो सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन अपने बचाव में एक अटैच शिक्षक द्वारा कार्य कराए जाने की बात कर रहा है। वहीं, मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई करने की बात कही है।
बालोद जिला शिक्षा अधिकारी मुकुल केपी साव ने कहा कि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों से किसी प्रकार का श्रम कार्य नहीं लेना चाहिए। उन्होंने मामले में जांच कराने की बात कही है। बच्चों ने स्वप्रेरित होकर यह कार्य किया है या फिर स्कूल के शिक्षकों द्वारा कराया गया है, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। वीडियो में बच्चे कचरे की पेटी को उठाकर स्कूल से बाहर ला रहे हैं और बाहर में सड़क किनारे इसे खाली भी कर रहे हैं और हाथों से डस्टबिन से कचरा भी निकाल रहे हैं।
जिस सड़क के किनारे इसे खाली कराया जा रहा है, वो राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 है, जो बेहद व्यस्ततम सड़क मार्ग है। बच्चे स्कूलों में अपना भविष्य बनाने जाते हैं न कि काम करने। अब देखना यह होगा विभाग ऐसे शिक्षकों पर किस तरह की कार्रवाई करता है।