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Chhattisgarh: ठाड़पथरा में पर्यटन को बढ़ावा देने विभिन्न आयोजन,पर्यटकों ने जंगल ट्रैकिंग, बोटिंग का लिया आनंद

Sat, 08 Feb 2025 12:24 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के गौरेला जनपद के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ठाड़पथरा में विशेष पर्यटन गतिविधियों का आयोजन किया गया।
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पर्यटकों ने जंगल ट्रैकिंग, बोटिंग का लिया आनंद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के गौरेला जनपद के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ठाड़पथरा में विशेष पर्यटन गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस आयोजन के तहत स्थानीय पर्यटन समिति को प्रशिक्षित किया गया, साथ ही बनमनई नेचर कैंप का आयोजन हुआ, जिसमें पर्यटकों और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

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कार्यक्रम के दौरान इंदिरा गांधी जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के 40 विद्यार्थियों सहित कई पर्यटकों ने रोमांचक जंगल ट्रैकिंग में हिस्सा लिया। मुख्य प्रशिक्षक एवं पर्यावरणविद संजय पयासी ने सैलानियों को अमरावती गंगा नदी के किनारे रिवर वॉक कराते हुए जिले की समृद्ध जैव विविधता से परिचित कराया। उन्होंने दुर्लभ औषधीय वृक्षों जैसे दहीमन, कुरकुट, अर्जुन, अमलताश, सेमल और साल की पहचान कराई। ट्रैकिंग का मुख्य आकर्षण अमरावती नदी के किनारे स्थित कमरापथरा से ऐतिहासिक माई के मंडप तक की रोमांचक यात्रा रही।

माई के मंडप नर्मदा नदी के विवाह से जुड़ी लोककथा के लिए प्रसिद्ध है। इसे दुनिया का पहला विवाह मंडप माना जाता है। यहां मौजूद पत्थरों पर उकेरी गई बारात के बरतन की आकृतियां पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनीं। सैलानियों ने माई के मंडप के झरने का आनंद लिया और इस ऐतिहासिक स्थल की पौराणिकता को करीब से महसूस किया।
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ट्रैकिंग और झरने में स्नान के बाद पर्यटकों ने स्थानीय पर्यटन समिति द्वारा तैयार पारंपरिक देशी भोजन का आनंद उठाया, जिसे माहुल पत्ती के पत्तलों में परोसा गया। शाम होते ही ठाड़पथरा के मड हाउस स्थित झील किनारे कैंप फायर का आयोजन हुआ। चांदनी रात में पैडल बोटिंग का अनुभव पर्यटकों के लिए अविस्मरणीय रहा।

इस दौरान स्थानीय बैगा महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसमें पर्यटक भी झूम उठे। इसके बाद स्टोरी टेलिंग सेशन में सभी ने अपने अनुभव साझा किए और पर्यटन स्थल की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत को और करीब से जाना। इस आयोजन ने गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में पर्यटन की अपार संभावनाओं को एक नई दिशा दी है। स्थानीय प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों से न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

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