Union Budget 2025: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि आम जनता के लिए ये घोर निराशाजनक बजट है। शेयर बाजार बैठ गया है, निवेशक बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं। डॉलर 86 रुपए 70 पैसा से पार हो गया है। बाजार लगातार गिर रहा है, मोदी सरकार के आर्थिक नीतियों पर से जनता का भरोसा टूट चुका है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि मोदी सरकार के बजट से देश का हर वर्ग निराश है। मिडिल क्लास, लोअर मिडल क्लास, गरीब, किसान, मजदूर और युवाओं के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं है। यह बजट पूरी तरह से और अव्यावहारिक, अन्यायपूर्ण और मिडिल क्लास विरोधी है।
पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि मोदी सरकार के इस बजट में युवाओं के रोजगार के लिए कुछ भी नहीं है। निवेशक नए निवेश से घबरा रहे हैं, पूर्व में संचालित उद्योग, व्यापार चलाना मुश्किल हो रहा है और यह सरकार केवल मुंगेरीलाल के हसीन सपने दिखा रही हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा मोदी सरकार के बजट में पीएम कृषि योजना लागू करने की बात की गयी है, लेकिन किसानों के उपज की पूरी कीमत मिले इसके लिये एमएसपी को कानूनी गारंटी के लिए कोई प्रावधान नहीं। इसके साथ ही कृषि ऋण माफी पर बजट में कुछ नहीं। पीएम फसल बीमा योजना में सुधार के लिए कुछ नहीं है। मनरेगा के बजट में कोई बढ़ोत्तरी नहीं, मनरेगा मजदूरी बढ़ाने के बारे में कुछ भी नहीं। रोजगार बढ़ाने के लिए कोई प्रावधान नहीं। युवाओं को रोजगार के नये अवसर कैसे बढ़ेंगे। इस बजट में कुछ भी नहीं बताया है। महिलाओं के लिए बजट में कुछ नहीं।
घोर निराशाजनक बजट: दीपक बैज
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि अर्थव्यवस्था को गर्त में ले जाने वाला घोर निराशाजनक बजट है। दावा था 8 से 9 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ रेट का लेकिन हकीकत 7 प्रतिशत से कम है। मोदी सरकार का फोकस केवल बिहार चुनाव पर है, जहा इसी वर्ष अक्टूबर नवंबर में चुनाव है मखाना बोर्ड केवल बिहार के लिए? देश के बाकी किसान भाजपा सरकार के फोकस में नहीं हैं। छत्तीसगढ़ के नई राजधानी में एम्स का अपोजिट पिछले 3 साल से अटका है इस बजट में उसके लिए भी कोई प्रावधान नहीं है। रावघाट सहित नई रेल लाइन रायपुर- बलौदा होकर रायगढ़ का अब तक सर्वे तक नहीं करवा पाए हैं। इस बजट में बेरोजगारी और महंगाई से जूझ रही जनता के लिए प्रत्यक्ष तौर पर कोई राहत रियायत या सब्सिडी नहीं है। केंद्रीय विभागों नवरत्न कंपनियों और सरकारी उपक्रमों में लाखों की संख्या में पद रिक्त हैं लेकिन उन्हें भरने के लिए कोई कार्य योजना इस बजट में नहीं दिख रही है।
हर वर्ग बजट से खुद को ठगा महसूस कर रहा: सुशील आनंद शुक्ला
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि इस बजट ने देश की जनता को निराश किया है। यह बजट बताता है कि मोदी सरकार के आने वाले साल भी देश की जनता के लिए अच्छा नहीं रहने वाला, बजट में कोई भी दूरदर्शिता नहीं दिख रही। युवा, किसान, मजदूर, महिला सभी इस बजट से खुद को ठगा महसूस कर रहे है।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पीएम कृषि योजना लागू करने की बात की गयी है लेकिन किसानों के उपज की पूरी कीमत मिले इसके लिये एमएसपी को कानूनी गारंटी के लिए कोई प्रावधान नहीं। इसके साथ ही कृषि ऋण माफी पर बजट में कुछ नहीं। पीएम फसल बीमा योजना में सुधार के लिए कुछ नहीं है।
कोई आर्थिक मदद की व्यवस्था नहीं : धनंजय सिंह ठाकुर
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़ के लिए कोई आर्थिक मदद की व्यवस्था नहीं की गई है। मोदी 3.0 के पहले बजट में भी मोदी की गारंटी और वादा को पूरा करने के लिए कोई आर्थिक मदद नहीं किया गया था जिसका ही दुष्परिणाम है कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार को 1 साल में 45,000 करोड़ का कर्ज लेना पड़ा था। अभी के बजट में भी कोई आर्थिक मदद की गुंजाइश नहीं दिख रही है इससे लग रहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार चालू वित्तीय वर्ष में फिर एक साल में कम से कम 40,000 करोड रुपए कर्ज लेंगी इसे छत्तीसगढ़ में कर्ज भार फिर बढ़ेगा।
आम जनता की उम्मीदों के खिलाफ है बजट: सुरेंद्र वर्मा
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि मोदी सरकार का यह बजट सामाजिक न्याय के विपरीत और आम जनता की उम्मीदों के खिलाफ है। प्रधानमंत्री आवास, जल जीवन मिशन, खाद सब्सिडी, खाद्य सब्सिडी और मनरेगा के बजट में भारी भरकम कटौती करके देश की जनता से धोखा किया है। लगभग सभी जन कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के बजट आबंटन में भारी कटौती किया गया है। किसानों के साथ यह सरकार लगातार धोखा कर रही है उर्वरक सब्सिडी में पिछले बजट से 3412 करोड़ की कटौती की गई है 171299 करोड़ से घटाकर 167887 करोड़ रह गया है। खाद्य सब्सिडी 205250 करोड़ से घटकर 203420 करोड़ रह गया है अर्थात 1830 करोड़ की कटौती। पेट्रोलियम सब्सिडी 14700 करोड़ से घटाकर 12100 करोड़, सीधे 2600 करोड़ की कटौती। स्वास्थ्य का बजट कुल बजट का मात्र 1.94 प्रतिशत है। 2024-2025 के बजट अनुमान में कुल पूंजीगत व्यय 1111111 था, जिसे घटकर 1018429 कर दिया गया है। आईटी और दूरसंचार का बजट लगभग 20 प्रतिशत कम कर दिया गया है। 117869 से घटकर मात्र 95298 करोड़ अर्थात सीधे 22541 करोड़ की कटौती। कर प्रशासन में 21336 करोड़ की कटौती अव्यावहारिक है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने केंद्रीय बजट को जन अपेक्षा के विपरीत निराशाजनक बजट का दावा किया है और कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं। छत्तीसगढ़ की खनिज देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़िया के लिए कुछ भी नहीं। बजट का महिलाएं बेसब्री से प्रतीक्षा करती रहती है कि महिला वित्त मंत्री बजट पेश कर रही है तो महिलाओं के लिए बजट की पिटारा में बहुत कुछ निकलेगा, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी बजट के पिटारा में महिलाओं के लिए कुछ भी नहीं निकला। इस बजट में बेलगाम महंगाई से राहत पाने की उम्मीद लगा करके महिलाएं बैठी थी, लेकिन महंगाई से राहत या महंगाई को नियंत्रण करने की कोई योजना इस बजट में नहीं।