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Union Budget 2026 : अब बीच में नहीं छूटेगी पढ़ाई! छत्तीसगढ़ की छात्राओं को विशेष लाभ, मिलेंगे बेहतर अवसर

Sun, 01 Feb 2026 02:46 PM IST
Digvijay Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्तीसगढ़

सार

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026 के बजट में छात्राओं की उच्च शिक्षा को सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। इसके तहत, देश के हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे, जिसका छत्तीसगढ़ राज्य के लिए विशेष महत्व है।
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छात्राओं को विशेष लाभ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026 के बजट में छात्राओं की उच्च शिक्षा को सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। इसके तहत, देश के हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे, जिसका छत्तीसगढ़ राज्य के लिए विशेष महत्व है। यह पहल राज्य की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में बड़ी राहत प्रदान करेगी।

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छत्तीसगढ़ के कई जिलों में मेडिकल, इंजीनियरिंग और साइंस जैसे महत्वपूर्ण कॉलेज तो मौजूद हैं, परंतु छात्राओं के लिए सुरक्षित और आरामदायक आवास की भारी कमी है। विशेष रूप से रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अंबिकापुर और जगदलपुर जैसे शिक्षा केंद्रों में, दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाली लड़कियों को हॉस्टल न मिल पाने की स्थिति में अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है।

 

वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में इस बात पर जोर दिया कि STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) संस्थानों में लंबे क्लास घंटे और प्रयोगशालाओं का काम लड़कियों के लिए अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में, प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल की स्थापना से छत्तीसगढ़ की छात्राओं को एस्ट्रोफिजिक्स, एस्ट्रोनॉमी, मेडिसिन और इंजीनियरिंग जैसे जटिल क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे।

जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा
यह योजना राज्य के आदिवासी बहुल जिलों जैसे बस्तर, कांकेर, कोरिया, सुकमा और नारायणपुर के लिए विशेष रूप से परिवर्तनकारी साबित हो सकती है। इन क्षेत्रों की छात्राएं अब जिला स्तर पर ही सुरक्षित आवास की सुविधा प्राप्त कर उच्च शिक्षा से जुड़ सकेंगी, जिससे शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।

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शिक्षा विशेषज्ञों की राय
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से छत्तीसगढ़ में बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों की दर कम होगी। साथ ही, यह बेटियों की उच्च शिक्षा में भागीदारी को बढ़ाने और भविष्य में महिला वैज्ञानिकों तथा शोधकर्ताओं की संख्या में वृद्धि करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह पहल छात्राओं को सशक्त बनाने और राज्य के शैक्षणिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखती है।

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