प्रभावित ग्रामीणों को नहीं मिला मुआवजा
दरअसल, आमगांव ओसीएम का विस्तार पटना गांव की ओर किया जाना है, लेकिन जमीन अधिग्रहण के बदले प्रभावित ग्रामीणों को न तो मुआवजा मिला है, न ही नौकरी सहित अन्य देय का भुगतान हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सभी प्रभावित परिवारों को वाजिब हक नहीं मिल जाता, तब तक खदान का कोई भी विस्तार स्वीकार नहीं किया जाएगा। शनिवार को खदान के अधिकारी, कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड बिना किसी पूर्व सूचना के भारी मशीनों के साथ खुदाई के लिए पहुंच गए। जब ग्रामीण महिलाओं ने इसका विरोध किया तो गार्डों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए इकट्ठा
इस दौरान महिलाओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। गनीमत रही कि उसी समय पटना निवासी जनपद अध्यक्ष गुलाब सिंह और जनपद सदस्य कवल साय सिंह वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप कर हालात को शांत किया। उक्त घटना की सूचना जैसे ही गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। इसके पहले ही हमलावर गार्ड वहां से निकल भागे। विधायक भूलन सिंह मरावी को जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली। उन्होंने तत्काल कलेक्टर और एसपी से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली। इस पर प्रशासन ने थानेदार और तहसीलदार को मौके पर भेजा। विधायक ने मौके पर पहुंचकर उपक्षेत्रीय प्रबंधक समेत अन्य अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और स्पष्ट कहा कि जब तक सभी प्रभावितों को नौकरी, मुआवजा और अन्य लाभ नहीं मिल जाते, तब तक खदान का एक इंच भी विस्तार नहीं होगा।
364 लोगों को मिलनी है नौकरी
आमगांव ओपन कास्ट माइंस के लिए ग्राम पटना की ज़मीन अधिग्रहित की गई है। इसके बदले 364 लोगों को नौकरी दी जानी है, लेकिन अब तक एसईसीएल द्वारा इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाता है। विधायक भूलन सिंह ने टीआई को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित महिलाओं की रिपोर्ट दर्ज कर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं घटना के बाद पीड़ित महिलाओं ने थाना पहुंचकर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। फिलहाल इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और ग्रामीणों में एसईसीएल के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है।