सुकमा जिले में सरकार की नीति और पुलिस के अभियान से प्रभावित होकर जिले में सक्रिय दो नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। छत्तीसगढ़ शासन की ”छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ एवं ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से प्रभावित होकर तथा अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित कर पुलिस के बढ़ते प्रभाव से आत्मसमर्पण किया है।
छत्तीशगढ़ शासन द्वारा पद के अनुरूप एक आत्मसमर्पित नक्सली पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित है। नक्सलियों को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में थाना एर्राबोर पुलिस बल एवं 223 वाहिनी सीआरपीएफ, 206 कोबरा वाहिनी के आसूचना षाखा का विशेष प्रयास रहा है।
मामले की पुष्टि करते हुए सुकमा एसपी किरण चौहान ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ एवं सुकमा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया। दो नक्सलियों कुहराम बण्डी और माड़वी कोसा ने आत्मसमर्पण किया।