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CG: धमतरी में दो सड़क हादसों में दो की मौत, दो घायल; पोस्टमार्टम में देरी से परिजन परेशान

Fri, 02 May 2025 05:35 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, धमतरी

सार

धमतरी में दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो गई और दो घायल हो गए। पोस्टमार्टम में देरी से परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धमतरी में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन होने वाली इन दुर्घटनाओं में लोगों की जान जा रही है। ऐसा ही एक मामला फिर सामने आया है, जहां धमतरी जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर हुए सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए।

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पहली घटना
गुरुवार की दोपहर रेखा बाई पटेल (38) पत्नी अनिल पटेल निवासी संबलपुर, डौंडी लोहारा, अपने पति और डेढ़ वर्षीय बेटी चित्राणि के साथ 30 अप्रैल को एक शादी समारोह में शामिल होने धमतरी जिले के ग्राम बारना गई थी। एक मई को वापस लौटते समय डांडेसरा पेट्रोल पंप के पास सामने से आ रही एक मोटरसाइकिल ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में रेखा बाई पटेल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी डेढ़ वर्षीय बेटी चित्राणि गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे रायपुर रेफर किया गया है। मृतका के पति को मामूली चोटें आई हैं।

पोस्टमार्टम में देरी का आरोप
मृतका के परिजनों ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया में देरी को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि हादसा एक मई की दोपहर को हुआ था, और शव को तुरंत जिला अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए लाया गया। हालांकि, अस्पताल कर्मचारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम उसी दिन नहीं हो सकेगा और परिजनों को दो मई की सुबह 9:30 बजे आने को कहा गया। परिजन सुबह 9:00 बजे अस्पताल पहुंच गए, लेकिन 11:30 बजे तक पोस्टमार्टम शुरू नहीं हुआ। परिजनों ने बताया कि डॉक्टर और कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण देरी हुई। उन्होंने यह भी कहा कि उनका घर अस्पताल से 70 किलोमीटर दूर है, और मृतका का शव अंतिम संस्कार के लिए अभी तक नहीं सौंपा गया, जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है। 
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देरी के कारणों का पता लगाया जा रहा है
पोस्टमार्टम में देरी का यह कोई नया मामला नहीं है। अक्सर दूर-दराज से आने वाले परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिसके कारण उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस मुद्दे पर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस संबंध में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन अरुण टोंडर ने कहा कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और देरी के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

दूसरी घटना
गुरुवार रात को हुई दूसरी घटना में संतराम (33) निवासी कन्हारपुरी, जो मनराज के राइस मिल में काम करता था, अपने काम से घर लौट रहा था। रास्ते में अंधेरे के कारण वह ग्राम उमरडा के पास सड़क पर खड़े एक भैंस से टकरा गया। इस हादसे में संतराम गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। इन हादसों ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

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