छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सलियों और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के बीच भारी गोलीबारी हुई। जिसमें दो जवान शहीद हो गए हैं वहीं एक घायल हो गया है। बीएसएफ और नक्सलियों के बीच गोलीबारी परतापौर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले माहला कैंप के नजदीक जंगल में हुई। पुलिस उपमहानिरीक्षक (एंटी-नक्सल ऑपरेशन) सुंदरराज पी ने बताया कि बीएसएफ की 114वीं बटालियन एंटी-माओवादी ऑपरेशन को अंजाम लदेकर लौट रहे थे जब उनपर यह हमला हुआ।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने 2 बीएसएफ जवानों के शहीद होने की घटना पर दुख व्यक्त किया है। इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने दुखी परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की हैं।
सुंदरराज ने बताया कि जब
बीएसएफ की पेट्रोलिंग टीम राज्य की राजधानी रायपुर से 250 किलोमीटर दूरी पर स्थित बरकोट गांव के जगलों में थी तभी उनपर नक्सलियों ने भारी गोलीबारी कर दी। जिसके बाद उन्हें मुंहतोड़ जबाव दिया गया। थोड़ी देर की गोलीबारी के बाद दो कांस्टेबल जिनकी पहचान राजस्थान के लोकेंद्र सिंह और पंजाब के मुकधियार सिंह के तौर पर हुई है उनकी मौत हो गई जबकि कॉन्सटेबल संदीप डे को गंभीर चोटें आई हैं।
डीआईजी ने कहा, 'बचाव दल मौके पर पहुंचा और शहीदों के शव को पाखनजोर स्थित बीएसएफ के मुख्यालय लाया गया। घायल जवान को हवाई जहाज के जरिए बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेज दिया गया है।' इससे पहले 9 जुलाई को बीएसएफ की121वीं बटालियन के दो जवान शहीद हो गए थे। दोनों उस पेट्रोलिंग के लिए कांकेर के छोटेबेठिया क्षेत्र में पहुंचे थे तभी
नक्सलियों ने आईडी धमाका कर दिया।