छत्तीसगढ़ की राजधानी से सटे नवा रायपुर को देश के प्रमुख हेल्थकेयर सेंटर के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार को बड़ी सफलता मिली है। नवा रायपुर में बॉम्बे हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए जमीन आवंटन और लीज की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में मंत्रालय महानदी भवन में नवा रायपुर विकास प्राधिकरण और बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट के बीच 15 एकड़ भूमि का लीज एग्रीमेंट किया गया। इस भूमि पर करीब 680 करोड़ रुपये की लागत से 300 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक अस्पताल बनाया जाएगा। राज्य सरकार ने सितंबर 2025 में निवेश आमंत्रित किया था। इसके बाद महज चार महीने के भीतर जमीन चिन्हांकन, स्वीकृति और रजिस्ट्री जैसी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं। इसे छत्तीसगढ़ की तेज और पारदर्शी प्रशासनिक कार्यशैली का उदाहरण माना जा रहा है।
नवा रायपुर में बनने वाले इस अस्पताल में कार्डियोलॉजी, कैंसर, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, क्रिटिकल केयर और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके बाद प्रदेश के मरीजों को इलाज के लिए मुंबई या दिल्ली जाने की मजबूरी नहीं रहेगी। इस परियोजना से 500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। डॉक्टर, नर्स, तकनीशियन और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ-साथ सहयोगी सेवाओं में भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर बनेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बॉम्बे हॉस्पिटल की स्थापना से नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया के हेल्थकेयर हब के रूप में पहचान मिलेगी। यह परियोजना बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार का मजबूत आधार बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित कर रही है और बॉम्बे हॉस्पिटल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का यहां आना राज्य की नीतियों पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
यह परियोजना छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहनों का प्रत्यक्ष परिणाम मानी जा रही है। इससे नवा रायपुर को भविष्य में एक प्रमुख मेडिकल डेस्टिनेशन बनाने में मदद मिलेगी। इस मौके पर शासन, उद्योग विभाग, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण और बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।