सकरी थाना क्षेत्र में किन्नर तन्नू खान की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी किन्नर रिया उर्फ राकेश को घटना के कुछ घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। यह हत्या गुरु-चेला विवाद के कारण गला दबाकर की गई थी।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस को पता चला कि तन्नू खान, वर्षा जान और मीरा उर्फ आशीष गुरु भाई थे। 17 जुलाई 2026 को वर्षा जान दिल्ली से बिलासपुर आई थी। 20 जुलाई 2026 को तीनों मीरा के घर गए, जहां रिया भी उनके साथ शामिल हुई। वहां शराब और मछली का सेवन किया गया।
इसके बाद तन्नू ने रिया से गुरु-चेला प्रथा पर सवाल किया। तन्नू ने रिया को अपना गुरु बनाने और सालाना 10,000 रुपये तथा मासिक 2,000 रुपये देने को कहा। रिया ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वह स्वयं अपनी गुरु और चेला है। इस बात पर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।
मीरा और वर्षा ने उन्हें शांत रहने की समझाइश दी, पर वे नहीं माने। उन्होंने अपने गुरु राजा किन्नर को फोन कर समझाने को कहा, लेकिन दोनों शांत नहीं हुए। तन्नू ने रिया को तालापारा में मांगकर खाने की चुनौती दी। रिया ने भी कहा कि वह ज्यादा-से-ज्यादा दो-चार थप्पड़ मार लेगी। इसके बाद दोनों पैदल जोकी से तालापारा के लिए निकल गए।
इस बीच मीरा और वर्षा दोनों को खोजने निकले, पर वे नहीं मिले। तन्नू के फोन पर भी संपर्क नहीं हो पाया। पुलिस पूछताछ में आरोपी रिया ने गुरु-चेला विवाद के कारण तन्नू खान की गला दबाकर हत्या करना कबूल किया। रिया ने बताया कि 21 जुलाई 2026 की रात 11 बजे से 12 बजे के बीच एन एच 130 दलदलिहापारा बस स्टॉप के पास हत्या की गई। उसकी निशानदेही पर मृतक का मोबाइल, चप्पल और चार्जर बरामद किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।