एक ओर जहां भारत सरकार में अंतर्जातीय विवाह को सामाजिक समरसता के रूप में प्रोत्साहित किया गया है, वहीं दूसरी ओर जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवती को अपने ही समाज के लोगों से बीते दस वर्षों से प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
मामला बगीचा थाना क्षेत्र के परसाडांड़ गांव का है। पीड़िता गुलापी बाई ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनका विवाह जुरगुम निवासी आदिवासी समाज के संतोष पैंकरा (कंवर समाज) से हुआ है। ओबीसी वर्ग की पीड़ित महिला अपने पति और बच्चों के साथ अंबिकापुर में रहती है।
थाने में लिखित शिकायत में पीड़िता ने बताया कि 20 दिसंबर को अपनी मां के इलाज के सिलसिले में मायके परसाडांड़ आई हुई थीं। मंगलवार को जब अपने मायके वाले घर के सामने सड़क पर खड़ी थी। उसी दौरान गांव के नंदनी यादव, नबीलाल यादव, कृष्णा यादव ने जातिसूचक टिप्पणी करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी।
आरोपियों ने यह कहते हुए हाथापाई भी की थी कि पहले भी केस किए थे, हमारा क्या बिगाड़ लिया। पीड़िता का आरोप है कि उसे और उसके परिवार को पिछले दस वर्षों से लगातार जातिगत तानों और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों को भी जाति को लेकर अपमानित किया जाता है, जिससे पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान है।
फिलहाल, मामले में युवती ने बगीचा पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि शिकायत पर जांच के बाद मामले में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।