जशपुर पुलिस को तस्करी कर लाई गईं छत्तीसगढ़ की तीन लड़कियां राजधानी दिल्ली से मिली हैं। ये लड़कियां दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में घरेलू काम के लिए बेची गई थीं।
इनमें से दो लड़कियां नाबालिग हैं और कई सालों से दिल्ली में काम कर रही थीं। लड़कियों की उम्र 14, 15 और 18 साल है।
टाईम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक इन लड़कियों को अच्छे पैसों और सुविधाओं के नाम पर फुसलाया गया और इनकी गरीबी का फायदा उठाया गया।
ये तीनों लड़कियां दिल्ली के उत्तम नगर, पंजाबी बाग और पश्चिम विहार इलाकों से मिली हैं। इनमें से एक लड़की के पिता नहीं हैं और उसका घर एक हमले में नष्ट हो चुका है।
पुलिस के अनुसार 18 साल की लड़की को जब दिल्ली भेजा गया था तो वह नाबालिग थी।
पुलिस जांच में पता चला है कि लड़कियों की स्थिति सामान्य है और उन्होंने अपने साथ हुए किसी तरह के शोषण के बारे में नहीं बताया है। इस बारे में लड़कियों की काउंसिलिंग के बाद ही सही जानकारी मिल पाएगी।
इन तीन लड़कियों में से एक छत्तीसगढ़ में टपकारा ब्लॉक की रहने वाली है और पांच साल पहले दिल्ली भेजी गई थी। अन्य दो लड़कियां कांसाबेल से हैं। एक को तीन साल पहले और दूसरी को डेढ़ साल पहले दिल्ली भेजा गया था।
कैसे खुला मामला
मामले का पता तब चला जब पिछले सप्ताह 14 साल की लड़की दिल्ली में दो साल काम करने के बाद जशपुर लौटी। लड़की ने पुलिस का बताया की उसकी एक सहेली को 45 हजार रुपए में तीन स्थानीय लड़कों ने बेच दिया है।
पुलिस ने बताया कि इस पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपी युवकों में से दो को पकड़ लिया।
फिर पुलिस उनमें से एक आरोपी के साथ लड़की को ढूंढने दिल्ली गई जहां उसे दो और लड़कियों के बेचे जाने का पता लगा। इसके बाद उन दो लड़कियों को छुड़ाया गया।
आरोपी ने स्वीकारा है कि उन्हें हर लड़की के लिए 10 हजार रुपए मिलते थे।
तीन साल में मिले 250 बच्चे
जशपुर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लड़कियां दिल्ली के उत्तम नगर, पंजाबी बा और पश्चिम विहार इलाकों से मिली हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल में गरीब परिवार के 250 बच्चे मिले हैं। ये बच्चे कोलकाता, कर्नाटक, पंजाब, उत्तराखंड और दिल्ली से मिले हैं।