भाटापारानगर के सबसे सुरक्षित और वीआईपी माने जाने वाले इलाके जे.डी. कॉलोनी में शनिवार रात (21 सितंबर) को चोरों ने ऐसा कहर बरपाया कि कॉलोनीवासी दंग रह गए। अज्ञात चोरों ने एक ही रात में सात घरों के ताले तोड़ डाले और हजारों-लाखों का सामान लेकर फरार हो गए।
भाटापारानगर के सबसे सुरक्षित और वीआईपी माने जाने वाले इलाके जे.डी. कॉलोनी में शनिवार रात (21 सितंबर) को चोरों ने ऐसा कहर बरपाया कि कॉलोनीवासी दंग रह गए। अज्ञात चोरों ने एक ही रात में सात घरों के ताले तोड़ डाले और हजारों-लाखों का सामान लेकर फरार हो गए।
अफसरों की बस्ती में सेंध
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जे.डी. कॉलोनी में एसडीएम, एएसपी, एसडीओपी, तहसीलदार जैसे कई उच्च अधिकारी निवास करते हैं। ऐसे में वारदात ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि जब आला अफसरों के मोहल्ले की सुरक्षा ऐसी है, तो आम नागरिक कितने महफूज़ हैं?
सुबह फैली सनसनी
अगली सुबह कॉलोनीवासी जब उठे तो घरों के टूटे ताले और बिखरा सामान देखकर सनसनी मच गई। मोहल्ले में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि रातभर चोर आराम से वारदात करते रहे और किसी को भनक तक नहीं लगी।
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पुलिस की नाकामी पर उठे सवाल
वारदात को हुए 96 घंटे गुजर चुके हैं, लेकिन पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। न तो कोई आरोपी पकड़ा गया और न ही चोरी गया सामान बरामद हुआ। पुलिस के रोज़ के “त्वरित कार्रवाई” और “24 घंटे में गिरफ्तारी” वाले दावों की सच्चाई अब लोगों के सामने है।
जनता में गुस्सा, भरोसा डगमगाया
कॉलोनीवासियों का कहना है कि पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ कागज़ों में सीमित रह गई है। इस घटना ने भाटापारा पुलिस की कार्यकुशलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नज़र इस पर है कि आखिर कब तक पुलिस अज्ञात चोरों तक पहुंच पाएगी।