25 मई 2013 को नक्सलियों ने दरभा के झीरम घाटी में एक बड़ी घटना को अंजाम दिया था। इस हमले में कांग्रेस के नेताओं समेत पुलिस के जवानों की भी शहादत हुई थी। इस घटना के बाद कांग्रेस सरकार ने अपने साथियों को श्रद्धांजि देने के लिए लालबाग में एक झीरम स्मारक का निर्माण कराया था। इस स्मारक को बने ज्यादा दिन भी नहीं हुए और चोरों ने इसे भी क्षतिग्रस्त कर दिया है।
बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने परिवर्तन यात्रा में निकले कांग्रेस के नेताओं के ऊपर 25 मई 2013 को गोलीबारी कर दी थी। इस घटना में 32 लोग मारे गए थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। नक्सलियों के इस हमले में कांग्रेस नेताओं की बड़ी ही निर्मम तरीके से हत्या भी की गई थी। सम्मान देने के लिए जगदलपुर शहर के लालबाग मैदान में करोड़ों रूपये की लागत से झीरम मेमोरियल का निर्माण कराया था, जिसका शुभारंभ तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 25 मई 2022 में किया था।
स्मारक बनने के बाद से कुछ दिनों तक इसका रखरखाव काफी अच्छा रहा, लेकिन बाद में इसकी ओर ध्यान देना बंद कर दिया। इसके बाद चोरों ने इस स्मारक को अपना निशाना बनाते हुए वहां पर बने लाइट से लेकर अन्य सामानों को तोड़ने के साथ ही चोरी कर ले गए। तीन सालों में ही स्मारक टूटने लगा। शहीद स्मारक में लगी लाइट, मूर्ति और उनके नेम प्लेटों में तोड़फोड़ के निशान भी पाए गए हैं। कई मूर्तियों के निचले हिस्से को भी नुकसान पहुंचाया गया है। इससे आमजनों से लेकर नेताओ में काफी रोष देखने को मिल रहा है।