संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में कुलपति और कुलसचिव के बीच विवाद गहरा गया है। कुलपति प्रो. डॉ. राजेंद्र लाकपाले ने कुलसचिव डॉ. शारदा प्रसाद त्रिपाठी की नियुक्ति और योग्यता पर सवाल उठाते हुए उन्हें हटाने की मांग की है। मामला राजभवन तक पहुंच गया है।
छत्तीसगढ़ के संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में कुलपति और कुलसचिव के बीच प्रशासनिक टकराव बेहद गंभीर हो गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. राजेंद्र लाकपाले ने वर्तमान कुलसचिव डॉ. शारदा प्रसाद त्रिपाठी की नियुक्ति और उनकी योग्यता पर सीधे सवाल खड़े किए हैं। कुलपति ने राज्य शासन से वर्तमान कुलसचिव को हटाकर उनके स्थान पर किसी नियमित अधिकारी को पदस्थ करने का स्पष्ट अनुरोध किया है।
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राजभवन तक पहुंची शिकायत
कुलपति का कहना है कि विश्वविद्यालय में पदभार संभालने के बाद से ही उन्हें कुलसचिव के कामकाज और अनुभव को लेकर लगातार समस्याएं महसूस हो रही थीं। इसके बाद उन्होंने कुलसचिव पद की नियुक्ति से संबंधित निर्धारित योग्यताओं की जानकारी जुटानी शुरू की। जांच में यह तथ्य सामने आया कि वर्तमान कुलसचिव शासन द्वारा निर्धारित अनिवार्य योग्यताएं पूरी नहीं करते हैं। इसके बावजूद उन्हें इस पद पर नियुक्त कर दिया गया। कुलपति द्वारा शासन से किए गए पत्राचार के बाद यह मामला अब राजभवन तक पहुंच गया है। राजभवन ने उच्च शिक्षा विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए दोबारा पत्र भेजा है, किंतु विभाग ने अब तक इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
सुविधाओं के अभाव से जूझता संस्थान
संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय की स्थापना को 18 साल बीत चुके हैं। इसके बावजूद विश्वविद्यालय में आज भी जरूरी बुनियादी सुविधाओं और अधोसंरचना का बड़ा अभाव बना हुआ है। मूलभूत संसाधनों की कमी झेल रहे संस्थान में शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बढ़ता यह विवाद विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर रहा है। प्रशासनिक स्तर पर मचे इस घमासान ने विश्वविद्यालय के विकास और प्रगति पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।