बालोद में खनिज विभाग की छापेमारी
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बालोद जिले के डोंडी ब्लॉक के ग्राम बेलौदा के आश्रित ग्राम मर्रामखेड़ा में रविवार शाम खनिज विभाग ने छापेमारी कर अवैध रेत खदान को बंद करवाया। इस कार्रवाई में 5 हाइवा और एक चैन माउंटेन जब्त किए गए। खनिज विभाग की टीम ने खदान को सील कर ग्राम सरपंच कांतिबाई को जब्त वाहनों की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी।
तीन दिनों से खदान संचालित हो रही
खनिज निरीक्षक शशांक सोनी ने बताया कि अवैध रेत खदान संचालन की सूचना मिलने पर यह कार्रवाई की गई। मर्रामखेड़ा की नदी में पिछले तीन दिनों से खदान संचालित हो रही थी। छापेमारी के बाद खदान को बंद करवाया गया और जब्त वाहनों की निगरानी के लिए सरपंच व वार्ड सदस्यों को जिम्मेदारी दी गई।
सरपंच ने कहा- हमें नहीं थी जानकारी
सरपंच कांतिबाई ने बताया कि उन्हें खदान संचालन की कोई पूर्व सूचना नहीं थी। उन्होंने कहा, “बाहर के कुछ लोग रेत निकाल रहे थे। मौके पर पता चला कि दल्लीराजहरा के एक व्यक्ति द्वारा खदान संचालित की जा रही थी, जिसमें कुछ स्थानीय नेताओं की संलिप्तता की बात भी सामने आई।” सरपंच ने आशंका जताई कि रात के समय सील तोड़कर खदान संचालन की कोशिश हो सकती है।
अवैध खदानों पर कार्रवाई तेज
हाल ही में बालोद पहुंचे सांसद भोजराज नाग ने अवैध रेत खदानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही थी। इसके बाद जिले में छापेमारी शुरू हुई। हालांकि, गुरूर ब्लॉक के भैंसमुंडी में महानदी से रात के समय अवैध रेत खनन जारी है। स्थानीय लोग शिकायत करते हैं कि बिना तिरपाल के सैकड़ों वाहन सड़कों पर रेत बिखेर रहे हैं, लेकिन खनिज, राजस्व या पुलिस विभाग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। सांसद के सख्त रवैये के बाद उम्मीद है कि महानदी में अवैध खनन पर भी शीघ्र कार्रवाई होगी।