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Chhattisgarh Smart Meter: स्मार्ट मीटर पर विपक्ष के आरोपों का सरकार ने दिया जवाब, आंकड़ों के साथ रखा अपना पक्ष

Sun, 02 Aug 2026 09:10 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

स्मार्ट मीटर को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकार ने आधिकारिक आंकड़े जारी कर दावा किया है कि जुलाई में बिजली खपत 31.91% घटी है। सरकार ने कहा कि हाफ बिजली बिल योजना के कारण उपभोक्ताओं ने खपत कम की और स्मार्ट मीटर से बिल बढ़ने के आरोप तथ्यहीन हैं।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्मार्ट मीटर विवाद पर छत्तीसगढ़ सरकार ने आंकड़ों के साथ जवाब देते हुए कहा है कि बिजली खपत और अधिक बिल के आरोप गलत हैं। सरकार का दावा है कि जुलाई में बिजली उपयोग में उल्लेखनीय कमी आई है और इसका लाभ उपभोक्ताओं को मिला है।
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छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच राज्य सरकार ने आधिकारिक आंकड़े जारी कर विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया है। सरकार का दावा है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली खपत और बिल बढ़ने की बात तथ्यात्मक रूप से गलत है। विभाग के अनुसार, जुलाई 2026 में रायपुर सिटी रीजन में बिजली खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 में जहां कुल बिजली खपत 131.27 मिलियन यूनिट (MU) थी, वहीं जुलाई में यह घटकर 89.38 मिलियन यूनिट रह गई। यानी एक महीने में करीब 31.91 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई। सरकार का कहना है कि यदि स्मार्ट मीटर गलत रीडिंग दे रहे होते, तो बिजली खपत बढ़नी चाहिए थी, जबकि वास्तविक आंकड़े इसके विपरीत हैं।
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सरकारी रिपोर्ट में बताया गया है कि 401 से 600 यूनिट बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं की संख्या में 33.99 प्रतिशत और उनकी कुल खपत में 32.58 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं 600 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 64.23 प्रतिशत तथा उनकी बिजली खपत 38.13 प्रतिशत घट गई है।

सरकार ने इस बदलाव का कारण हाफ बिजली बिल योजना को बताया है। योजना के तहत 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को आधा बिजली बिल देने का प्रावधान है। विभाग के अनुसार, इसी वजह से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपनी बिजली खपत 400 यूनिट के भीतर सीमित रखी। आंकड़ों के अनुसार, 400 यूनिट से कम बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 1.96 लाख से बढ़कर 2.56 लाख हो गई, जबकि 400 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या लगभग आधी रह गई।

सरकार ने यह भी बताया कि 0-100 यूनिट और 101-200 यूनिट वाले उपभोक्ता वर्ग में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। विभाग का कहना है कि मानसून के दौरान बिजली की खपत स्वाभाविक रूप से कम होती है और उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लेने के लिए भी खपत नियंत्रित की है।

सरकार ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि विभागीय आंकड़े स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि स्मार्ट मीटर के कारण बिजली बिल बढ़ने का दावा सही नहीं है। सरकार का कहना है कि स्मार्ट मीटर और हाफ बिजली बिल योजना का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और उपभोक्ताओं को राहत देना है।
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