तिल्दा के जनपद कार्यालय में प्रत्याशी योगेश दास गुरु गोसाई नामांकन भरने आए थे। इस दौरान उन्हें अपहरण कर मारपीट की गई। मामले में तिल्दा नेवरा थाना में एफआईआर दर्ज कराया गया है। योगेश दास गुरु गोसाई ने जनपद उपाध्यक्ष टिकेश्वर मनहरे पर आरोप लगाया है। वहीं जनपद उपाध्यक्ष टिकेश्वर मनहरे के भाई बीजेपी प्रदेश किसान मंत्री वेदराम मनहरे ने इसे झूठी एफआईआर बताया है।
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि बीजेपी नेता ने प्रत्याशी को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए उसका किडनैप कर लिया। दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा और पिटाई भी की। उनका आरोप है कि धमकी दी गई है कि अगर वह चुनाव लड़ेगा, तो उसके पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा।
पीड़ित ने बताया कि वह खरोरा का निवासी है। उसने बीते एक जनवरी को अपने समर्थकों के साथ जनपद पंचायत क्षेत्र के क्रामांक 18 से चुनाव लड़ने के लिए जनपद पंचायत कार्यालय फॉर्म लेने गया हुआ था। इस दौरान उसे टिकेश्वर उर्फ सोनू मनहरे, राहुल डहरिया ने चुनाव नहीं लड़ने की बात कही। उन्होंने बताया कि कुछ देर में पीड़ित को मनहरे ने मारना शुरू कर दिया। इसके बाद जबरदस्ती अपनी कार बैठाया। लगभग दो घंटे तक बंधकर बनाकर रखा। इस दौरान मोबाइल छीन लिया गया और टिकेश्वर मनहेर ने नामांकन फॉर्म भी फाड़ दिया।
मामले को लेकर जनपद उपाध्यक्ष टिकेश्वर मनहरे के भाई बीजेपी प्रदेश किसान मंत्री वेदराम मनहरे ने कहा कि झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई है। टिकेश्वर और उसके बीच किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं है। एफआईआर में लिखी गई पूरी कहानी झूठी है। उन्होंने कहा कि हमने भी थाने में इस फर्जी एफआईआर को रद्द करने पर आरोपियों पर कार्रवाई करने के लिए आवेदन दिया है।
मामले में ग्रामीण एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर ने बताया कि पहले पक्ष की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। वहीं दूसरे पक्ष ने भी आवेदन दिया है, जिस पर जांच की जा रही है।