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24 साल बाद घर आई 'लक्ष्मी': छत्तीसगढ़ में बेटी के जन्म पर बारात जैसा माहौल, ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ स्वागत

Wed, 08 Apr 2026 01:51 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, धमतरी

सार

धमतरी में एक परिवार ने बेटी के जन्म को ऐसे जश्न में बदल दिया, जिसकी चर्चा पूरे शहर में हो रही है। वर्षों बाद घर में आई खुशियों का स्वागत अनोखे अंदाज में किया गया, जहां अस्पताल से घर तक का सफर उत्सव में बदल गया।
 
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छत्तीसगढ़ में बेटी के जन्म पर बारात जैसा माहौल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धमतरी में एक परिवार ने बेटी के जन्म को ऐसे जश्न में बदल दिया, जिसकी चर्चा पूरे शहर में हो रही है। वर्षों बाद घर में आई खुशियों का स्वागत अनोखे अंदाज में किया गया, जहां अस्पताल से घर तक का सफर उत्सव में बदल गया।
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मकेश्वर वार्ड निवासी एक दंपती के यहां 1 अप्रैल को बेटी का जन्म हुआ। परिवार के लिए यह पल इसलिए भी खास था क्योंकि करीब ढाई दशक बाद वंश में पहली बार बेटी ने जन्म लिया। इस खुशी को यादगार बनाने के लिए परिजनों ने विशेष तैयारी की।

जब मां और नवजात को अस्पताल से घर लाया गया, तो पूरा रास्ता मानो बारात जैसा नजर आया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, आतिशबाजी और नाचते-गाते लोग—हर तरफ उत्सव का माहौल था। करीब दो किलोमीटर तक चलने वाले इस जुलूस को देखकर राहगीर भी ठहर गए और इस अनोखे स्वागत को देखने लगे।
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जिस वाहन में बच्ची को लाया गया, उसे खास तौर पर सजाया गया था और उस पर बड़े अक्षरों में बेटी के जन्म की खुशी जाहिर की गई थी। यह दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया।

परिवार के सदस्यों का कहना है कि बेटी का जन्म उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। उन्होंने इस अवसर के जरिए समाज को यह संदेश देने की कोशिश की कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि घर की खुशियों और भविष्य की उम्मीद होती हैं।
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