हड़ताल और अनशन कर रहे शिक्षाकर्मियों की असमय मौत के मामले रूक नहीं रहे। रायपुर में हड़ताल में तबियत खराब होने के बाद एक हड़ताली शिक्षक की अपने गांव अलोर लौटते हुए बुधवार देर शाम मौत हो गई। राजधानी में आंदोलन शुरू होने के बाद से शिक्षाकर्मियों की मौत की यह आठवीं घटना है।
मरने वालों में से कुछ ने खुदकुशी कर ली, एक की हार्ट अटैक और चार की आर्थिक तंगी, सदमें और बीमारी से मौत हो गई। राजधानी के सप्रे मैदान में संविलियन और छठा वेतमान की मांग को लेकर तीन दिसंबर से प्रदर्शन चल रहा है। गुरुवार को भी धरना-प्रदर्शन जारी रहा। आज शिक्षाकर्मियों का अमरण अनशन का चौथा दिन है। खुले में प्रदर्शन से ठंड और अनशन के चलते शिक्षाकर्मियों की हालत बिगड़ रही है।
वहीं एक अनशनकारी शिक्षाकर्मी विमलचंद आनंद को बुधवार की देर रात अंबेडकर अस्पताल के 9 नंबर वार्ड में भर्ती कराया गया था। वहां बिस्तर आवंटित नहीं होने के कारण वह रातभर ठंड में जमीन पर पड़ा रहा। इसकी खबर मिलने पर शिक्षक संघर्ष समिति के दर्जनों शिक्षाकर्मियों ने अस्पताल में पहुंचकर हंगामा किया।