गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की प्राथमिक शाला खैरपानी में निर्धारित समय से पहले छुट्टी किए जाने का मामला सामने आया है। दोपहर करीब 2 बजे ही बच्चों को घर लौटते देख ग्राम नेवरी नवापारा के सरपंच भरथरी एक्का ने विद्यालय की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मामले की शिकायत शिक्षा विभाग से की। शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी तक पहुंचने के बाद उन्होंने संबंधित शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई के मौखिक निर्देश दिए हैं। वहीं, मामले में जांच कर समय से पहले छुट्टी किए जाने के कारणों का पता लगाने की बात भी कही गई है।
सरपंच के निरीक्षण में सामने आया मामला
जानकारी के अनुसार, प्राथमिक शाला खैरपानी में समय से पहले छुट्टी किए जाने और विद्यालय बंद होने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद सरपंच भरथरी एक्का विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान दोपहर करीब 2 बजे बच्चों को घर जाते देखा गया। सरपंच ने जब बच्चों से इस संबंध में पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि शिक्षिका मोना पटेल ने छुट्टी कर दी है।
इस घटनाक्रम के बाद विद्यालय में निर्धारित समय तक पढ़ाई नहीं होने को लेकर सवाल उठने लगे। मामले की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से की गई, जिसके बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया।
डीईओ ने शिक्षिका से फोन पर की बात
मामले की जानकारी मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने संबंधित शिक्षिका मोना पटेल से फोन पर संपर्क कर स्थिति जानने का प्रयास किया। बातचीत के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की बात सामने आई। इसके बाद डीईओ ने संबंधित शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई के मौखिक निर्देश दिए। हालांकि, समय से पहले छुट्टी किए जाने के वास्तविक कारणों की जांच के बाद ही मामले में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
शिक्षिका के हर्बल प्रोडक्ट से जुड़े होने की भी चर्चा
जिला शिक्षा अधिकारी और ग्राम सरपंच के मुताबिक, संबंधित शिक्षिका के हर्बल प्रोडक्ट से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में विस्तृत जानकारी और इसकी पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में जांच के दौरान इस पहलू की भी पड़ताल की जा सकती है।
जांच के बाद तय होगी जवाबदेही
विद्यालयों में निर्धारित समय तक नियमित कक्षाओं का संचालन और बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित करना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। यदि बिना उचित कारण समय से पहले छुट्टी की गई है, तो इसकी जांच कर जवाबदेही तय करना जरूरी है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और संबंधित शिक्षिका के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।