कबीरधाम पुलिस ने जिले में लगातार हो रही चेन स्नैचिंग की घटनाओं का खुलासा करते हुए छह सदस्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरोपी सुनसान स्थानों पर अकेली और वृद्ध महिलाओं को निशाना बनाकर उनके गले से सोने-चांदी के आभूषण झपटते थे। पुलिस ने गिरोह के कब्जे से लाखों रुपये का सामान जब्त किया है।
जिले में पिछले दो महीनों से वृद्ध महिलाओं को निशाना बनाकर चेन स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का कबीरधाम पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। साइबर सेल और पिपरिया थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई तीन मोटरसाइकिल, करीब छह ग्राम सोने के आभूषण, नकदी सहित कुल 3.41 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की गई है।
गुरुवार को पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने प्रेसवार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह के सदस्य पहले गांवों और आसपास के इलाकों में रेकी करते थे। इसके बाद वे अकेली या बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाकर उनके गले से सोने-चांदी के आभूषण झपट लेते थे। पहचान छिपाने के लिए आरोपी वारदात के दौरान मुंह ढंककर मोटरसाइकिल से पहुंचते और घटना के तुरंत बाद फरार हो जाते थे।
पुलिस के अनुसार, थाना पिपरिया, थाना पांडातराई और पुलिस चौकी पोंड़ी क्षेत्र में दर्ज कुल पांच मामलों की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और साइबर विश्लेषण की मदद से पुलिस मुख्य आरोपी नैनदास बंजारे, मनोज जांगड़े और राधेलाल चतुर्वेदी तक पहुंची। पूछताछ में तीनों ने चेन स्नैचिंग की वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि लूटे गए सोने के आभूषण नितीश बंशे, खेलन डहरिया और बबला डहरिया को बेच दिए थे। इसके बाद पुलिस ने इन तीनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने तीन मोटरसाइकिल, लगभग छह ग्राम सोने के आभूषण और एक हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत करीब 3.41 लाख रुपये बताई गई है।
गिरफ्तार आरोपियों में नैनदास बंजारे (23), मनोज जांगड़े (22), राधेलाल चतुर्वेदी (23), बबला डहरिया (28), खेलन डहरिया (25) और नितीश बंशे (25) शामिल हैं। सभी आरोपी ग्राम बैहरसरी, पुलिस चौकी पोंड़ी, थाना बोड़ला के निवासी हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।