तरेगांव जंगल क्षेत्र में सराफा कारोबारी से हुई डकैती का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा किया है। मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि दो की तलाश जारी है। आरोपियों की निशानदेही पर 11.9 किलो चांदी के जेवर बरामद हुए हैं।
कबीरधाम जिले के तरेगांव जंगल थाना क्षेत्र में सराफा कारोबारी से हुई डकैती का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से करीब 11.9 किलो चांदी के जेवरात बरामद हुए हैं।
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शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एएसपी अमित कुमार पटेल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वारदात में कुल पांच आरोपी शामिल थे। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। दो अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है। पुलिस के अनुसार, 27 अक्तूबर 2026 की शाम सराफा कारोबारी वेदप्रकाश सोनी के साथ मछरीरेवार मंदिर घाटी के पास डकैती हुई थी। आरोपियों ने मोटरसाइकिल से रास्ता रोककर कारोबारी और उसके साथी से मारपीट की थी। वे उनके पास रखे सामान और जेवरात लूटकर फरार हो गए थे। तरेगांव जंगल थाने में बीएनएस की धारा 309(6), 126(2), 115(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
पुलिस की जांच और योजना
घटना के बाद पुलिस ने एक विशेष टीम बनाई। टीम ने आसपास के 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। 24 गांवों के 500 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों से संदिग्ध मोटरसाइकिल के रास्ते की जानकारी मिली। तीन पुलिस टीमें लगातार आरोपियों की तलाश में लगी थीं।
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वारदात का तरीका और गिरफ्तारी
पुलिस जांच में सामने आया कि 27 अक्तूबर को सभी आरोपी पंडरिया की देसी शराब भट्ठी के सामने मिले थे। वे दो मोटरसाइकिलों से तरेगांव क्षेत्र पहुंचे और कारोबारी की गतिविधियों पर नजर रखी। वेदप्रकाश सोनी के निकलते ही आरोपियों ने पीछा किया और घाटी के पास रास्ता रोककर वारदात की। लूटे गए जेवर मुंगेली में बांटे गए और बिलासपुर में बेचने की योजना थी। मुखबिर की सूचना पर निखिल कुर्रे, संजय भास्कर और सचिन पात्रे को गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर 11.9 किलो चांदी के जेवर बरामद हुए।