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बालोद जिला ग्रंथालय: मूलभूत सुविधाओं की कमी से छात्र परेशान, पीएससी कोर्स बंद; अधर में 1150 बच्चों का भविष्य

Thu, 27 Mar 2025 05:05 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, बालोद

सार

यहां पर कई छात्र-छात्राएं लोक सेवा आयोग की फ्री की तैयारी करने आते थे, लेकिन यह ग्रंथालय प्रोजेक्टर के लिए नगर पालिका परिषद बालोद के ऊपर निर्भर था। अब नगर पालिका वाले यहां से प्रोजेक्टर ले गए तो लोक सेवा आयोग के परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के जीवन में मानो अंधेरा आ गया।
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बालोद जिला ग्रंथालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बालोद जिले में संचालित एक मात्र जिला ग्रंथालय इन दिनों अपनी मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। यहां पर प्रोजेक्टर की कमी की वजह से पीएससी प्री की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के कोर्स को बंद कर दिया गया है। नगर पालिका द्वारा प्रोजेक्टर दिया गया था, जिसे अब वह वापस ले गए हैं। वहीं, भीषण गर्मी की शुरुआत हो चुकी है और यहां पर और कंडीशन के मेंटेनेंस नहीं होने से छात्र-छात्राओं को दिक्कतें हो रही हैं। वहीं, लगभग 1150 छात्र-छात्राएं यहां पर अध्यनरत हैं, लेकिन इस ईलाइब्रेरी में इंटरनेट की सुविधाओं को लेकर छात्र और छात्राएं काफी परेशान हैं। 

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बालोद जिले में संचालित जिला ग्रंथालय में लगभग 1150 स्टूडेंट शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। यहां पर इन छात्र-छात्राओं को मूलभूत सुविधाएं और एक ऐसा माहौल उपलब्ध कराना है, जहां वे स्वतंत्र रूप से अध्ययन कर सकें। यहां पर कई छात्र-छात्राएं लोक सेवा आयोग की फ्री की तैयारी करने आते थे, लेकिन यह ग्रंथालय प्रोजेक्टर के लिए नगर पालिका परिषद बालोद के ऊपर निर्भर था। अब नगर पालिका वाले यहां से प्रोजेक्टर ले गए तो लोक सेवा आयोग के परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के जीवन में मानो अंधेरा आ गया। लोक सेवा आयोग की तैयारी करना अब बंद कर चुके हैं, क्योंकि प्रोजेक्टर में ऑनलाइन माध्यम से यहां पर अध्ययन कराया जाता था।
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गायब रहते हैं प्रभारी 
कुछ छात्र-छात्राओं ने बताया कि यहां के प्रभारी लोकेंद्र बघेल अक्सर कार्यालय से गायब रहते हैं, जिसके कारण कभी उन्हें किताब लेना हो तो कई सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और किताब भी नहीं मिल पाती है। वहीं, यहां पर इंटरनेट तो लगा हुआ है, लेकिन जब उसे कनेक्ट किया जाता है तो नो इंटरनेट लिखता है। इस तरह की सारी दिक्कतें जिला ग्रंथालय में छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है। 

मेंटेनेंस के नाम पर लिया जाता है 50 रुपये
वैसे तो इस जिला ग्रंथालय में वन टाइम मेंबरशिप लेने के लिए 500 रुपए छात्र-छात्राओं को देना होता है, लेकिन यहां पर 500 रुपये के अलावा प्रति माह छात्र-छात्राओं से 50 रुपये लिए जाते हैं जो कि मेंटेनेंस के नाम पर लिए जाते हैं, लेकिन इस मेंटेनेंस राशि का उपयोग मेंटेनेंस में नहीं किया जाता। अगर मेंटेनेंस में किया जाता तो एयर कंडीशन सर्विसिंग हो जाए।
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स्टाफ की कमी
जिला ग्रंथालय के प्रभारी लोकेंद्र कुमार बघेल ने बताया कि हमारे यहां स्टाफ की कमी है और इंटरनेट के लिए मैंने बीएसएनएल के अधिकारियों से बात की है उन्होंने कहा कि 50 रुपये जो लिए जाते हैं वह मेंटेनेंस के लिए लिए जाते हैं और जिला शिक्षा विभाग को इस संदर्भ में पूरी जानकारी है। वहीं, उन्होंने कहा कि यहां पर पर्सनल केबिन की आवश्यकता है और पीएससी की कोचिंग पहले की जाती थी, लेकिन जो हमें प्रोजेक्टर मिला था वह नगर पालिका था, जिसे वे लोग अब वापस ले जा चुके हैं।

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