छत्तीसगढ़ आज सियासी मैदान-ए-जंग बना था। और कांग्रेस ने रमन सिंह सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पार्टी की तरफ से मैदान में थी उनकी सबसे दमदार खिलाड़ी और कप्तान सोनिया गांधी।
कोंडागांव में आयोजित चुनावी सभा में सोनिया गांधी ने कहा कि भाजपा के लोग और छत्तीसगढ़ की रमन सरकार कितने भी दावे क्यों न कर ले, लेकिन हकीकत कुछ और है।
सोनिया ने कहा, "सरकारी योजनाओं की मदद से दूसरे इलाकों में जहां गरीबी घटी है, वहीं छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के शासन में राज्य में गरीबी में इजाफा हुआ है।
जीरम घाटी में कांग्रेसी नेताओं पर हमले के याद करते हुए उन्होंने कहा, "लोगों पर अत्चायार हो रहा है, कानून व्यवस्था की हालत खस्ता है और नक्सली हिंसा में निर्दोष लोग मारे गए हैं। कांग्रेसी नेताओं ने भी बलिदान दिया और उनका आज हमारे बीच न होना दुख की बात है।"
सोनिया ने कहा, "सुरक्षा के नाम पर सिर्फ वादे किए जा रहे हैं, जबकि असलियत कुछ और है। वास्तव में कमजोर लोगों तक विकास पहुंचना चाहिए और नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों का पुनर्वास का इंतजाम होना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "इस बार छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नई सरकार बनाएगी और इस तरह की तमाम दिक्कतों को दूर किया जाएगा। बेरोजगारी भत्ता बढ़ाया जाएगा। नक्सल समस्या का पुख्ता समाधान निकालने की कोशिश होगी।"