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सोनी सोढ़ी मामलाः जांच से पहले 'नतीजे' पर पुलिस

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छत्तीसगढ़ की सामाजिक कार्यकर्ता और आप नेत्री सोनी सोढ़ी पर रसायनिक पदार्थ से हुए हमले के मामले में नया मोड़ आता दिख रहा है। पुलिस की मानें तो हमले के पीछे कोई खास साजिश नजर आ रही है। आईजी बस्तर ने तो घटना के तार जेएनयू मामले में आरोपी चल रहे उमर खालिद से भी जोड़ दिए हैं।
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आईजी ने मामले की जांच के लिए स्पेशल टीम गठित कर जल्द मामले के खुलासे का दावा किया है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में उंगलियां पुलिस पर भी उठती दिख रही हैं क्योंकि पुलिस ने मामले की जांच के बीच ही आईजी बस्तर की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कुछ लोगों को शक के दायरे में खड़ा कर दिया है।

सवाल इसलिए भी हैं कि बस्तर में पुलिस के ऊपर पहले से ही वकील और पत्रकारों का उत्पीड़न करने के आरोप लग रहे हैं और पुलिस की विज्ञप्ति में उन्हीं लोगों को शक के घेरे में लिया गया है।
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पुलिस द्वारा जारी विज्ञप्ति पर गौर करें तो "दिल्ली के जेएनयू में भारत विरोधी नारेबाजी करने के आरोप में देशद्रोह के मामले में जेल में बंद उमर खालिद ने अपने भाषण में सोनी सोढ़ी पर हुए हमले और उन्हें सहायता पहुंचाने वाले लोगों का जिक्र किया था।

विज्ञप्ति जारी कर मामले को बताया साजिश

इसके अलावा सीपीआई (माओवादी) के प्रवक्ता द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में सोनी सोढ़ी के चेहरे पर कालिख पोतने, मालिनी सुब्रमणयम और आलोक पुतुल पर हमले का जिक्र किया गया है। जिससे यह स्पष्ट है कि सोनी सोढ़ी के चेहरे पर कालिख पोताई की घटना कोई षडयंत्र के तहत घटित की गई है। इसलि घटना का पटाक्षेप करना आवश्यक है।"

मामले में बस्तर के आईजी एसपी कल्लूरी ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 30 हजार के इनाम की घोषणा भी कर दी है। वहीं विज्ञप्ति में यह आरोप भी लगाया गया है कि प्रकरण की पीड़िता और मुख्य साक्षी दिल्‍ली में हैं और विवेचना में सहयोग नहीं कर रही हैं। पुलिस की मानें तो क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों को गति देने के लिए इस घटना का जल्द से जल्द पटाक्षेप होना जरूरी है।

वहीं इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार इस संबंध में जब अखबार की ओर से आईजी कल्लूरी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा वह इससे ज्यादा कुछ नहीं बता सकते। मैंने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है और वही मेरा वर्जन है।

वहीं मामले की जांच के लिए दिल्‍ली पहुंचे एसआईटी सदस्य और बीजापुर के एएसपी कल्याणा एल्‍सिया ने बताया कि घटना के मुख्य गवाह और पीड़िता जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। लेकिन पुलिस ने कई तथ्यों का खुलासा कर लिया है, कुछ और तथ्यों के साथ पुलिस जल्द ही घटना की कड़िया जोड़कर मामले का खुलासा कर देगी। जिससे नक्सल विरोधी अभियानों को जारी रखा जा सके।
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पत्रकारों और वकील को भी लपेटने की तैयारी में पुलिस

आईजी कल्लूरी को भेजी रिपोर्ट में एल्सिया ने बताया कि टीम सोढ़ी का इलाज कर रहे चिकित्सकों से मिली है, उसने पाया है कि सोढ़ी कभी इतनी गंभीर स्थिति में नहीं थी जितना मीडिया में शोर मचाया गया। उसे चेहरे पर किसी इन्फेशन के चलते अस्पताल में भर्ती किया गया है किसी प्लास्टिक सर्जरी के लिए नहीं।

उसे किसी अज्ञात पदार्थ से चेहरे पर जलन की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस पदार्थ के अंशों को पुलिस ने फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। पुलिस के अनुसार यह असामान्य बात है कि गिडम और जगदलपुर में यह पदार्थ उनके चेहरे से साफ हो गया था। जबकि वह दिल्‍ली के लिए चली तो उनके चेहरे पर दोबारा वह काला पदार्थ दिखाई दिया।

वहीं मामले में आप आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक संकेत ठाकुर का कहना है कि, यह सब साफ है जो बस्तर पुलिस कर रही है। जिस तरह मामले में षडयंत्र के आरोप लगाए जा रहे हैं यह साफ है बस्तर पुलिस क्या करना चाहती है। वे एक नई साजिश तैयार कर रहे हैं। वो जोड़ते हैं, मैं अचंभे में हूं कि आईजी स्तर का एक अधिकारी इस मामले को जेएनयू से जोड़ रहा है। इसमें क्या कनेक्‍शन हो सकता है।
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