नारायणपुर के जंगलों में सुरक्षाबलों ने 27 नक्सलियों को मार गिराया, जिसमें डेढ़ करोड़ का इनामी नक्सली शामिल था। मुठभेड़ में दो जवान बलिदान हो गए। वहीं, घायल जवानों ने हार नहीं मानी और 27 नक्सलियों को ठिकाने लगाया।
नारायणपुर के घने जंगलों में हुई नक्सली पुलिस मुठभेड़ में जवानों ने एक करोड़ से अधिक के इनामी नक्सली के साथ 27 नक्सलियों को मार गिराया। वहीं, इस घटना में दो जवान भी बलिदान हो गए। इस घटना में घायल जवानों ने बताया कि 18 मई को डीआरजी जवानों की अलग-अलग टुकड़ी नारायणपुर से ओरछा के लिए निकलीं। जवान 40 से 45 किमी का पूरा सफर तय करने के बाद 21 मई को वापसी कर रहे थे।
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पहाड़ी में पहले में छुपे हुए नक्सलियों ने अचानक जवानों के ऊपर गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद इन दुकड़ियो को कमान कर रहे खोटलू कोर्राम को तीन गोली आ लगीं। जवानों के साथ चल रहे अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया। घायल खोटलू को तीन गोली लगने के बाद भी जवानों ने उन्हें बचाने के लिए इंजेक्शन लगाए। पट्टी बांधी, लेकिन खोटलू की जान नहीं बच सकी और वे बलिदान हो गए।
जवानों ने इस घटना के बाद भी नक्सलियों के ऊपर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। दो घंटे तक चली इस गोलीबारी में एक अन्य जवान के हाथ मे गोली लगगई। साथी उन्हें बीजापुर ले जाया गया, जहां से उन्हें सड़क मार्ग से मेकाज में भर्ती किया गया। वहीं, इसी घटना में घायल एक अन्य जवान रमेश हेमला भी देर रात को बलिदान हो गए।
जवानों ने नहीं मानी हार
बताया जा रहा है कि सुबह सात बजे जब यह गोलीबारी शुरू हुई। इस दौरान घायल जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बैगर ही नक्सलियों के ऊपर कहर बनकर टूट रहे थे। घायल जवानों ने हार न मानते हुए 27 नक्सलियों को मार गिराने के साथ ही हथियार भी बरामद किए।